नवाबाद थाना क्षेत्र के करगुवां में एक व्यक्ति को अपने एक रिश्तेदार को रात ठहराना महंगा पड़ गया। पहले उसने गृह स्वामी के साढ़े चार हजार रुपये चुरा लिए, बाद में अस्सी हजार चोरी का आरोप लगा दिया। यही नहीं, पुलिस के पास शिकायत लेकर भी पहुंच गया, लेकिन जांच में रिश्तेदार ही चोर निकला। देर शाम थाने में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
टोड़ी फतेहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बुढ़ाई निवासी रामसेवक करगुवां में किराए के मकान में रहते हैं। मंगलवार की रात दिल्ली में मजदूरी करने वाला गरौठा थाना क्षेत्र के ग्राम बंगरा बिरौना निवासी उनका एक रिश्तेदार झांसी आया। उसने रामसेवक से मोबाइल पर बात कर गुजारिश की कि वह रात घर बिताना चाहता है। रामसेवक ने हां कर दी। स्वीकृति मिलने पर वह करगुवां में रामसेवक के घर पहुंच गया। दोनों ने रात में साथ खाना बनाया और खाया। सुबह उठने पर रामसेवक ने देखा कि उसके कपड़ों में रखे साढ़े चार हजार रुपये गायब हैं।
रामसेवक ने चोरी का आरोप रिश्तेदार पर लगाया। इस पर दोनों में विवाद होने लगा। कुछ देर बाद रिश्तेदार बाथरूम गया और लौटकर अपनी फटी जेब दिखाते हुए कहा कि उसकी जेब में रखे अस्सी हजार रुपये गायब हैं। उसने रामसेवक पर उल्टा चोरी का आरोप लगाया। उसने इस आशय की शिकायत नवाबाद थाने में कर दी। सूचना पर पुलिस ने रामसेवक को थाने बुला लिया। यहां तलाशी में रामसेवक के पास तो कुछ नहीं निकला, मगर रिश्तेदार के पास अवश्य 4500 रुपये व दो सौ रुपये अलग से निकल आए। वहीं, खबर लगने पर दोनों के रिश्तेदार थाने आ गए। रिश्तेदारों के दखल के बाद दोनों पक्षों में सुलह हो गई।