मंगलवार को पुलिस उत्पीड़न से परेशान एक महिला ने एसएसपी कार्यालय परिसर
में मिट्टी का तेल उड़ेल कर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर पहुंची पुलिस
उसे लेकर नवाबाद थाने आई। पीड़िता का आरोप है कि रुपयों की मांग पूरी नहीं
करने पर पुलिस ने बेटे को हिरासत में बेरहमी से पीटा है। अब झूठे केस में
फंसाने की तैयारी है। मामले की गंभीरता को देख थाना प्रभारी ने मेडिकल
परीक्षण कराकर उसके पुत्र को छोड़ दिया।
दोपहर करीब बारह बजे नवाबाद
थानांतर्गत डड़ियापुरा कल्लन शाह के पीछे रहने वाले अन्नू शाह की पत्नी
नूरजहां एसएसपी कार्यालय आईं। वह अपने साथ पांच लीटर की पिपिया में मिट्टी
का तेल लिए थीं। उन्होंने कार्यालय की बाउंड्री के पास पिपिया खोली और
चिल्लाते हुए कहा कि वह पुलिस के उत्पीड़न से परेशान होकर आत्मदाह कर रही
हैं। इससे वहां हड़कंप मच गया और तुरंत कार्यालय में तैनात पुलिस कर्मियों
ने सूचना देकर थाना नवाबाद से फोर्स बुला लिया। इलाइट चौकी इंचार्ज
लोकेंद्र त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर नूरजहां से मिट्टी के तेल की पिपिया
छीनी और उसे लेकर थाने आ गए।
नूरजहां ने एक सिपाही का नाम लेते हुए
बताया कि उसके पुत्र रिजवान को पुलिस दो दिन पूर्व घर से उठा लाई है, जबकि
उसका कोई अपराध नहीं है। यही नहीं, पुत्र को बेरहमी से पीटकर घायल कर दिया
है। अब उसे फर्जी मामले में जेल भेजने की धमकी देते हुए 50 हजार रुपये की
मांग की जा रही है। उसने बताया कि आरोपी सिपाही कुछ दिन पूर्व बड़े पुत्र
को गंभीर मामले में जेल भेजने की धमकी देकर 25 हजार रुपये ले गया था और अब
50 हजार रुपये की मांग की जा रही है। मामले की गंभीरता को देख थाना प्रभारी
रामभजन सिंह यादव ने थाने पर बैठे रिजवान का मेडिकल परीक्षण कराया और फिर
मां के साथ घर जाने के लिए छोड़ दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि रिजवान को
साक्ष्य नहीं होने की वजह से छोड़ दिया गया है। साक्ष्य आने के बाद
कार्रवाई की जाएगी।