अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या तीन उमेश कुमार सिंह की अदालत ने बहू की हत्या के मामले में जेठ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना चिरगांव के ग्राम बरल निवासी मुकुंदी साहू की आठ मार्च 2007 को रामेश्वर साहू की पुत्री शारदा से शादी हुई थी। शारदा के पिता का आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष बेटी को एक लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे थे। तीन अक्तूबर को उसे सूचना मिली की उसकी पुत्री को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया गया। पुत्री को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। यहां उसके मृत्यु पूर्व बयान भी दर्ज किए गए, जिसमें उसने गेहूं के विवाद को लेकर जेठ पर तेल डालकर आग लगाने का आरोप लगाया। मृतका के पिता ने 13 अक्तूबर 2012 को चिरगांव थाने में ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना में पुलिस ने जेठ श्यामसुंदर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे के दौरान वादी मृतका का पिता व मां अपने ब्यान से पलट गए। न्यायालय ने मृतका के मृत्यु पूर्व बयान, चिकित्सकों की गवाही व पुलिस विवेचना में मिले साक्ष्यों के आधार पर जेठ श्याम सुंदर को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।