झांसी। महानगर में तलाशी के नाम पर लूट करने वाला गिरोह सक्रिय है, जो पुलिस की पकड़ से दूर बना हुआ है। यह गिरोह एक के बाद एक घटनाओं को अंजाम दे रहा है। हालांकि, ललितपुर के व्यापारी के साथ हुई घटना को पुलिस संदेह की दृष्टि से देख रही है। घटना की सत्यता के लिए दुकानों पर लगे सीसीटीवी फुटेज की मदद ली जा रही है।
बृहस्पतिवार की सुबह रानी लक्ष्मीबाई पार्क के निकट ललितपुर के कटरा बाजार निवासी सर्राफा व गल्ला व्यापारी प्रदीप कुमार जैन को दो बदमाशों ने खुद को पुलिस वाले बताकर रोका और तलाशी लेने के नाम पर व्यापारी के बैग से 7.50 लाख रुपये उड़ा ले गए थे।
हालांकि, यह घटना सुबह के समय हुई थी और व्यापारी ने पुलिस को शाम को जानकारी दी थी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, मगर देर से सूचना देने के कारण पुलिस मामले को संदेह की दृष्टि से देख रही है।
इसी तरह 28 दिसंबर की शाम कोतवाली क्षेत्र के उन्नाव गेट निवासी व चांदी की पायलें बनाने का काम करने वाला सोनू बरुआसागर से पुरानी चांदी लेकर अपने घर आ रहा था। बस स्टैंड पर तीन बदमाश बैग की तलाशी के नाम पर उसमें रखी 840 ग्राम चांदी लूट ले गए थे। घटना के बाद पीड़ित व्यापारी ने मंडी चौकी व नबाबाद थाने में कई बार लिखित शिकायत की, मगर उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। यहां तक व्यापारी ने बस स्टैंड पर लगे होर्डिंग में लगी एक बदमाश की तस्वीर को भी पहचान लिया।
उसने इस बात की जानकारी पुलिस को भी दी, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद वह शांत होकर अपने घर बैठ गया। इन घटनाओं से साफ हैं कि महानगर में तलाशी के नाम पर लूट करने वाला गिरोह सक्रिय है, जो पुलिस की पकड़ से दूर बना हुआ है। इस संबंध में एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि व्यापारी द्वारा बताए बिंदुओं के आधार पर 99 प्रतिशत घटना असत्य लग रही है। मगर पुलिस सत्यता जान कर रहेगी।
घटनास्थल के आसपास के दुकानदारों के यहां लगे सीसीटीवी फुटेज से पता किया जा रहा कि वास्तव में उस समय व्यापारी वहां से गुजरा था कि नहीं। अगर गुजरा है तो कोई आगे पीछे बदमाश भी लगे दिखाई दे जाएंगे। जांच सहायक पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा को सौंपी गई है। अगर मामला झूठा पाया गया तो व्यापारी को जेल भेज जाएगा।