झांसी। सर्राफा कारोबारी के अपहरण कांड की मास्टर माइंड महिला व मुख्य अभियुक्त के बारे में पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। तलाश में जुटी पुलिस टीमों को मिली जानकारी के अनुसार फरार महिला गैंग के रूप में काम करती है और अब तक कई लोगों को शिकार बनी चुकी है।
उल्लेखनीय है कि पांच दिसंबर की रात कोतवाली के सर्राफा व्यवसायी कमलेश अग्रवाल का अपहरण हो गया था। छह दिसंबर को 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। पुलिस ने राजगढ़ के बल्लमपुर रोड स्थित जर्जर मकान से कारोबारी को मुक्त कराया था।
मौके से बड़ागांव के गांव गंगोली के प्रधान लालाराम व उसकी पुत्र वधुू रजनी को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में पता चला कि अपहरण की मास्टर माइंड कोतवाली के बाहर ओरछा गेट निवासी नेहा उर्फ पिंकी उर्फ रामदेवी है जो प्रधान पुत्र कांशीराम के साथ फरार है। पुलिस पकड़ से दूर होने की वजह से दोनों के ऊपर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है।
फरार अभियुक्तों की तलाश में जुटी पुलिस टीमों के अनुसार फरार नेहा काफी शातिर दिमाग है। वह कई कारोबारियों को अपने जाल में फंसा कर शिकार बना चुकी है। उसका नाम शहर के एक पानी कारोबारी के हुए अपहरण के मामले में भी आया था। चूंकि मुकदमा दर्ज होने के बजाए परिजनों ने फिरौती देकर कारोबारी को छुड़ा लिया था,
इसलिए पुलिस महिला के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकी थी। शहर के कई कारोबारियों से उसके संबंध होने की बात भी प्रकाश में आई है। पुलिस के अनुसार फरार अभियुक्त काशीराम व मास्टर माइंड महिला । जल्द ही वह पुलिस की पकड़ में होंगे।
फिरौती मांगने में प्रयुक्त मोबाइल का स्वामी पकड़ा
जिस व्यक्ति के मोबाइल फोन से अपहरणकर्ताओं ने 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी, उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस को उससे पूछताछ में पता चला है कि वह पंचवटी कालोनी में रहता है। गिरफ्तार प्रधान लालाराम से उसके मधुर संबंध थे। जब उन्होंने अपहरण की फिरौती मांगने के लिए उससे फोन मांगा तो उसने बिना कोई विरोध जताए दे दिया।