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बदमाशों से तो बच गया, पुलिस से परेशान

Wed, 08 Jun 2016 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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kiddnaping, jhansi news - फोटो : demo
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झांसी/ मऊरानीपुर। मऊरानीपुर के दमेले इंटर कॉलेज के शिक्षक को अपहरणकर्ताओं ने तो छोड़ दिया, पर अब पुलिस उसे परेशान कर रही है। मऊरानीपुर और एरच थाने के बीच चक्कर लगाकर वह परेशान हो गया है, पर उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। शिक्षक ने आरोप लगाया है कि अपहरणकर्ता एक माह से उसकी रेकी कर रहे थे और इस बीच उससे मुलाकात भी की थी।
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मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित गेड़ा कॉलोनी निवासी शिक्षक बाल किशुन वर्मा ने जब कोतवाल को आपबीती बताई तो पुलिस ने उसे घटना स्थल एरच का बताकर पल्ला झाड़ लिया। जब वह एरच कोतवाली पहुंचा तो वहां से पुलिस ने मामला मऊरानीपुर का बताकर चलता कर दिया। पीड़ित अपनी जान किसी प्रकार अपहरणकर्ताओं से बचाकर आया और अब पुलिस उसकी सुरक्षा करने के बजाय किनारा काट रही ह्रै।
शिक्षक ने पुलिस को बताया है कि अपहरणकर्ताओं ने मारपीट के दौरान उससे कहा था कि वह एक माह से उसकी रेकी कर रहे हैं।

कुछ दिन पूर्व अपहरणकर्ता उसके घर आए थे और बातचीत कर गुरुजी से मिलवाने का आग्रह किया था। उनके आग्रह पर ही वह सोमवार को उनके साथ एरच जाने के लिए निकला था। जहां उसके साथ यह घटना हुई। अब पुलिस उसकी सुनवाई नहीं कर रही है। पीड़ित व उसके परिजनों में किसी अनहोनी की आशंका के चलते भय व्याप्त है। उधर, मऊरानीपुर व एरच पुलिस घटना स्थल अपने यहां का न होने की बात कर रही हैं।
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कोई बिचौलिया नहीं, बस किस्त बांध लो
अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की रकम वसूलने का ट्रेंड भी बदल दिया है। पहले किसी बिचौलिये के माध्यम से रकम वसूली जाती थी। अब बदमाश अपहृत को ही धमकाते हुए छोड़ देते हैं और निश्चित रकम को भी किस्तों में तयशुदा तारीख पर लेने पहुंच जाते हैं। अपहृत व उसके परिजनों को इतना धमकाया जाता है कि वे चाहते हुए भी पुलिस को अपने साथ हो रहे अन्याय की सूचना तक नहीं देते हैं।

पहले ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें बदमाशों ने अपनी पूरी रकम किस्तों के माध्यम से वसूल की। एक प्रकरण में अंतिम किस्त लेने आए बदमाशों को हिम्मत कर पीड़ित ने ही पकड़वा दिया था।

क्रिकेट खेलने निकला किशोर लापता
समथर निवासी सियाशरण झा एक न्यूज चैनल के लिए काम करते हैुं और झांसी में रहते हैं। उनका सत्रह वर्षीय पुत्र लकी झा जयपुर में कम्प्यूटर ग्राफिक्स का काम करता था और कुछ दिन पूर्व अपने घर समथर आया था। गत 3 जून को लकी समथर से झांसी में  क्रिकेट मैच खेलने के लिए घर से निकला। सियाशरण झा के अनुसार सोमवार को सुबह उनके परिजनों ने फोन करके लकी को समथर भेजने की बात कही, तब उन्हें मालूम हुआ कि लकी तीन दिन से गायब है। उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ जा रहा है।

इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस ने लकी के मोबाइल नंबर ट्रैक किया तो उसकी लास्ट लोकेशन मध्य प्रदेश के डबरा क्षेत्र की मिली। फिलहाल उसकी तलाश जारी है। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।
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