सराफा कारोबारी राजू कमरया के एक करोड़ 48 लाख 50 हजार रुपये चुराकर भागने वाला उनका दगाबाज नौकर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। रुपये चुराकर उनसे महानगरों में मौजमस्ती की, मोबाइल, कपड़े और अन्य महंगी चीजें खरीदीं। मंगलवार को पुलिस ने अंजनी माता मंदिर के पास 81 लाख 22 हजार 580 रुपये सहित दबोच लिया।
डरू भौंडेला निवासी सराफा कारोबारी राजू कमरया के यहां मास्टर कॉलोनी निवासी पंकज पिछले मंगलवार को लाखों रुपये लेकर भाग निकला था। खबर मिलते ही व्यापारी में खलबली मच गई थी। घटना के अगले दिन कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर नौकर की तलाश शुरू कर दी थी। बताया गया है कि राजू कमरया के यहां वाली रकम को देखकर उसने मन में लालच जाग गया था। घटना को अंजाम देने के बाद नौकर पंकज इंदौर भाग निकला था। यहां उसने चुराए हुए रुपयों से खूब खरीदारी की और जमकर मौज मस्ती की। वह बदल-बदलकर बड़े होटलों में भी ठहरा। इसके बाद उसने एक महंगा मोबाइल खरीदा। उस मोबाइल से परिजनाें को कॉल करना उसे महंगा पड़ गया। पुलिस नंबर को ट्रेस कर उसकी तलाश में जुट गई। इसी बीच मंगलवार को वह अपने परिजनाें से मिलने आया था। यह बात उसने परिजनाें को भी बताई थी। परिजन उससे सच्चाई जानने के लिए बुला रहे थे। इसी बीच अंजनी माता मंदिर के पास से पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा।
एसएसपी विनोद कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने पंकज के पास से एक ट्रॉली बैग बरामद किया है, जिसमें 81 लाख 22 हजार 580 रुपये, एक लेपटॉप व मोबाइल मिला है। वहीं, पकड़े गए नौकर पंकज ने बताया कि वह करीब 85 लाख रुपये लेकर भागा है। इस पर एसएसपी का कहना है कि मामला दर्ज हो गया है। कारोबारी के आरोपों और नौकर के बयान की जांच की जा रही है।
पहले भी किया था प्रयास
राजू कमरया ने दस माह पहले ही पंकज को काम पर रखा था। पता चला है कि वह पहले भी रुपये लेकर भागने का प्रयास कर चुका है, लेकिन सफल नहीं हो सका था। पिछले मंगलवार को वह रुपये लेकर भागने में सफल हो गया।
टीम को मिलेगा ईनाम
नौकर को पकड़ने वाली टीम में शामिल स्वॉट टीम प्रभारी उमेश चंद्र त्रिपाठी, प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार वर्मा, उपनिरीक्षक अमन, कांस्टेबल दुर्गेश चौहान, नरेंद्र सिंह, सर्वेश कुमार, सर्वेश कुशवाहा, योगेंद्र चौहान, चंद्रशेखर, प्रदीप सेंगर को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार मिलेगा।