पुलिस सेवाओं को बेहतर करने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में थानों की समीक्षा कर उन्हें ग्रेड दिया जाएगा। एक तरह से थानेदारों और पुलिसकर्मियों की परीक्षा होगी। अच्छे काम पर प्रोत्साहित किया जाएगा और गड़बड़ी पर सुधार के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा।
योजना के तहत तय प्रोफार्मा में थानों की हर गतिविधि को नोट किया जाएगा। गुड वर्क पर नंबर दिए जाएंगे, वहीं बेड वर्क पर माइनस मार्किंग की जाएगी। समीक्षा रिपोर्ट हर महीने मुख्यालय भेजी जाएगी। इसी आधार पर हर जनपद में एक अच्छे और एक बुरे थाने की पहचान की जाएगी। अच्छे थाने को प्रोत्साहित किया जाएगा और बुरे थाने को सुधारने की कोशिश की जाएगी। एडीजी (क्राइम) अभय कुमार प्रसाद के निर्देश पर यह व्यवस्था प्रदेश के सभी जिलों में लागू कर दी गई है। डीआईजी शरद सचान ने बताया कि रेंज के सभी थानों में ग्रेडिंग सिस्टम लागू कर दिया गया है। पहली ग्रेडिंग समीक्षा रिपोर्ट15 मई को मुख्यालय भेजी जाएगी। इस सिस्टम से थानों के कामकाज पर नजर रहेगी।
इस तरह होगी मार्किंग
- एफआईआर नहीं लिखने पर माइनस 5 नंबर और वारदात को कम करके दिखाने पर माइनस 3 नंबर मिलेंगे।
- गुडवर्क करने के 3 नंबर निर्धारित किए गए हैं।
- आरोपी की गिरफ्तारी करने पर 5 नंबर और किसी मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ने पर माइनस 5 नंबर।
- थाना क्षेत्र में वारदात होने पर माइनस 10 अंक दिए जाएंगे।
-महिलाओं के साथ छेड़खानी व दुष्कर्म की वारदातों पर 45 दिनों में 100 प्रतिशत निस्तारण करने पर 10 नंबर, 45 से 60 दिनों में निस्तारण करने पर 5 नंबर और 60 दिन से अधिक होने पर माइनस 5 नंबर मिलेंगे।
- संगठित गिरोह और माफिया के खिलाफ एक्शन लेने पर एनएसएए, गैंगस्टर और कुर्की करने पर तीन-तीन अंक निर्धारित किए गए हैं।
-भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई करने, संपत्ति की नीलामी करने पर 2 नंबर और नीलामी नहीं करने पर 2 नंबर माइनस किए जाएंगे।
- गंभीर अपराध रोकने के लिए पुरानी रंजिशों में 100 प्रतिशत लोगों को पाबंद करने पर 10 अंक ।
- 80 प्रतिशत तक लोगों को पाबंद करने पर 5 नंबर दिए जाएंगे।
-50 फीसदी से कम गवाहों को कोर्ट में पेश करने पर माइनस 5 नंबर और 60 से 75 फीसदी तक गवाह पेश करने पर 5 नंबर।
-तीन साल के अपराधों के डोजियर तैयार करने पर 5 अंक और नहीं तैयार करने पर माइनस 5 नंबर दिए जाएंगे।