घर से निकलने के बाद सुनीता ने अपने पति आशीष को सुबह साढ़े पांच से पौने छह बजे के बीच चार - पांच मेसेज किए, जिसमें उसने लिखा कि ‘मैं तुम्हें हमेशा के लिए छोड़कर जा रही हूं, अब अपनी अगली मुलाकात पोस्टमार्टम हाउस में होगी। मैं तुम्हें बहुत प्यार करती हूं।’ इस मेसेज को पढ़ने के बाद पति की तरफ से सुनीता के मोबाइल पर भी मेसेज आए, जिसमें पहले तो उसने कहा कि तुम पार्क में घूम रही हो, जबकि दूसरे मेसेज में पति ने लिखा ‘ठीक है जाओ, जहां भी जाना, खुश रहना।’
भांजी और बेटे में हुआ था विवाद
आशीष ने बताया कि उसके साथ उसकी भांजी भी रहती है। शनिवार की शाम भांजी और बेटे हर्ष में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। दोनों बच्चों में हुए विवाद की वजह से पति - पत्नी में भी झगड़ा शुरू हो गया। यह झगड़ा दो मौतों के बाद जाकर थमा।
फेसबुक की दोस्ती बदली थी शादी में
सुनीता और आशीष की एक साल पहले फेसबुक पर मुलाकात हुई थी। दोनों की पहले कुछ महीने तो चेटिंग चलती रही और उसके बाद दोस्ती हो गई। बातों ही बातों में दोस्ती प्यार में बदल गई और दोनों ने 12 जुलाई 2016 को शादी कर ली।
सुनीता की तीसरी और आशीष की दूसरी शादी
मूलत: पटना बिहार की रहने वाली सुनीता की आशीष से पहले दो शादियां हो चुकी थीं, परंतु दोनों ही सफल नहीं हो पाईं। सुनीता का पुत्र हर्ष (11) पहले पति से हुआ था। सुखद जीवन की आस में सुनीता ने तीसरी शादी आशीष के साथ की थी, लेकिन उसकी यह हसरत पूरी नहीं हो पाई। वहीं, आशीष का पहली पत्नी से तलाक हो चुका है, उसने जीवन भर साथ निभाने के वादे के साथ सुनीता का हाथ थामा था, परंतु सफर बीच में ही छूट गया।
‘सुनीता और उसके पति आशीष का शनिवार की रात विवाद हुआ था। इसके बाद सुनीता रविवार की सुबह घर से बगैर बताए निकल गई। सुबह नौ बजे मां - बेट की लाश मिली। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का जान पड़ रहा है, लेकिन पुलिस अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है।’
- जितेंद्र सिंह चंदेल, थाना प्रभारी - सीपरी बाजार