झांसी। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर सात के रेल ट्रैक पर रविवार सुबह गर्भवती नवविवाहिता का कटा शव मिला। मायका पक्ष का आरोप है कि दहेज की खातिर विवाहिता को प्रताड़ित किया। बहन और गर्भस्थ शिशु को जान से मारकर ट्रैक पर फेंक दिया। वहीं, गिरफ्तार पति विवाद के चलते आत्महत्या बता रहा है।
नवाबाद थानांतर्गत तालपुरा निवासी चंद्रशेखर (25) पुत्र जगदीश का विवाह 28 मई 2015 में बबीना के बैजपुर निवासी स्व. बृजलाल की बेटी राधा (23) से हुआ। राधा के भाई उमेश ने बताया कि शादी के बाद चंद्रशेखर ने सोने की अंगूठी मांगी, जो उसे दी गई। कुछ दिन बाद दुकान खोलने को 50 हजार रुपये मांगे, जो देने से मना कर दिया। इस दरमियान पता चला कि वह नशा व जुआ का आदी है।
उसने शादी में मिली बाइक सात हजार रुपये में गिरवी रख दी है, जो उन्होंने छुड़वाकर दी। उसने दोबारा दतिया गेट बाहर निवासी एक व्यक्ति को 10 हजार रुपये में बाइक गिरवी रख दी। यही नहीं, वह रोज शराब पीकर घर आने लगा, जिसको लेकर विवाद होने लगा। शनिवार की रात को राधा व चंद्रशेखर के बीच में विवाद हुआ। आरोप है कि पति विवाद के दौरान राधा को लेकर घर से चला गया और पूरी रात नहीं आया। देर रात चंद्रशेखर के बड़े भाई दीपक ने फोन कर उन्हें जानकारी दी, तो वह भी उन्हें तलाशने लगे। सुबह करीब पांच बजे चंद्रशेखर घर पहुंच गया, मगर राधा नहीं पहुंची। सुबह करीब सात बजे जीआरपी ने उमेश को फोन करके रेलवे स्टेशन बुलाया, जहां रेलवे ट्रैक पर राधा का शव मिला।
वहीं, उमेश ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि दहेज की खातिर उसकी बहन राधा व गर्भस्थ शिशु को ससुरालियों ने मार कर रेलवे ट्रैक पर डाल दिया। इस मामले में पति, जगदीश ससुर, राजकुमारी सास, जेठ दीपू व जेठानी को नामजद किया गया है।
पुलिस हिरासत में चंद्रशेखर ने बताया कि रात को विवाद के बाद गुस्से में राधा घर छोड़कर चली गई, जिसे तलाशने के लिए वह भी निकला। जब कोई पता नहीं चला तो वह सुबह घर पहुंचा। वहीं, थानाध्यक्ष का कहना है कि चंद्रशेखर शराब पीने का आदी था, जिसकी वजह से आए दिन राधा से विवाद होता था। करीब एक पखवाड़ा पहले उसने शराब पीकर घर में उपद्रव किया था, जिस पर उसके खिलाफ 151 में कार्रवाई की गई थी। शनिवार की शाम को जब राधा घर से चली गई तो चंद्रशेखर के बहनोई राजेश निवासी हंसारी आजाद नगर प्रेमनगर ने रात को गुमशुदगी दर्ज करवाई थी।