झांसी। राप्ती सागर एक्सप्रेस के स्लीपर कोचों में सवार दो महिला यात्रियों के गले से बदमाश मंगलसूत्र व सोने की जंजीर छीनकर भाग गए। ट्रेन के झांसी आने पर जीआरपी ने पीड़ित यात्रियों से मुकदमा लिखाने के लिए उतरने को कहा, पर वह तैयार नहीं हुए।
सिंकदराबाद से गोरखपुर जाने वाली गाड़ी संख्या 12592 राप्ती सागर एक्सप्रेस के एस 7 कोच की बर्थ संख्या 9 से 11 पर कमला देवी सिंकदराबाद से लखनऊ के लिए अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ यात्रा कर रहीं थीं। इसी तरह एस 8 कोच की बर्थ संख्या 33 व 36 पर स्नेहलता अपने पति उपेंद्र के साथ सिंकदराबाद से गोरखपुर के लिए यात्रा कर रहीं थी। मंगलवार की रात बारह बजे ट्रेन इटारसी व भोपाल स्टेशनों के मध्य दौड़ रही थी।
एक जगह ट्रेन के धीमी गति से चलते समय दरवाजों के पास खड़े बदमाश महिला यात्रियों के गले से मंगलसूत्र व सोने की जंजीर छीनकर कोच से कूदकर भाग गए। महिला यात्रियों के शोर मचाने पर अन्य लोग जाग गए, पर तब तक ट्रेन रफ्तार पकड़ चुकी थी। घटना के बाद मामले की जानकारी कोच टीटीई ने झांसी कंट्रोल रूम को दी। ट्रेन के झांसी आने पर आरपीएफ व जीआरपी मौके पर पहुंच गई।
घटना की जानकारी लेने के बाद जीआरपी ने पीड़ित यात्रियों से मुकदमा लिखाने के लिए ट्रेन से उतरने को कहा, पर वह गंतव्य स्टेशन पहुंचने पर मुकदमा लिखाने की बात कहकर आगे बढ़ गए। हालांकि, घटनास्थल दूसरे रेल मंडल का होने के कारण आरपीएफ व जीआरपी ने अवश्य राहत की सांस ली।