किसी का बच्चा खोने पर पीड़ित परिवार रिपोर्ट लिखाने के लिए कई-कई दिनों
तक थाने के चक्कर लगाता रहता है। अगर आपका बच्चा खोए और आपके साथ भी ऐसा ही
सलूक किया जाए, तो आपको कैसा महसूस होगा? यह सवाल आईजी कानपुर जोन आशुतोष
पांडे ने जनपद के थानेदारों से किया। उन्होंने थानेदारों को पीड़ितों को
थाने से टहलाने की परंपरा को खत्म करने की नसीहत दी। सोमवार को वह पुलिस
लाइन सभागार में अधीनस्थों के साथ बैठक कर रहे थे।
आईजी ने कहा कि जिस
तरह ‘एक नंबर भरोसे का’ (05122230512) पर शिकायतें बढ़ रही हैं, उससे साफ
जाहिर है कि पीड़ितों को थाने में न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने
थानेदारों की कार्य प्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस का काम जनता
की सेवा करना है। पुलिस व जनता के बीच हमेशा मधुर संबंध होने चाहिए। थाने
आने वाले हर व्यक्ति की सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने पंचायत चुनाव की
तैयारियों की समीक्षा करते हुए थानेदारों को निर्देशित करते हुए कहा कि वह
हर बूथ पर प्रधान व क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों से वार्ता करें व प्रधानों
से खुद जाकर मिलें। गड़बड़ी करने वालों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई
करें। अगर कोई व्यक्ति ‘एक नंबर भरोसे का’ पर चुनाव में गड़बड़ी करने वाले
का नाम बताता है तो उसका नाम गोपनीय रखा जाए, ताकि लोग स्वस्थ मन से पुलिस
की मदद कर सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह लंबित विवेचनाओं पर
ध्यान दें, ताकि उन्हें समय पर निपटाया जा सके। इस दौरान उन्होंने
सिपाहियों को अपने व्यवहार को सुधारने को कहा। इस अवसर पर एसएसपी किरण एस,
एसपी सिटी राजेश कुमार, एसपी देहात दिनेश सिंह, सीओ सिटी कल्याण सिंह समेत
अन्य सर्किलों के क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष व थाना प्रभारी आदि मौजूद
रहे।
आज गुरसरांय क्षेत्र में करेंगे समीक्षा
झांसी। पुलिस महा
निरीक्षक कानपुर जोन आशुतोष पांडे ने त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव व ‘एक नंबर
भरोसे का’ पर आ रहीं शिकायतों की समीक्षा गुरसरांय स्थित उत्सव वाटिका में
करेंगे। इस दौरान वह क्षेत्र के प्रधानों व गणमान्य नागरिकों से वार्ता
करेंगे। उनके साथ एसएसपी किरण एस आदि अफसर मौजूद रहेंगे।