फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिता-पुत्र के हत्यारों को आजीवन कारावास

Wed, 17 Feb 2016 01:01 AM IST
झांसी/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। मऊरानीपुर में सरे बाजार पिता-पुत्र को जलाकर मारने के मामले में न्यायालय ने पांच दोषियों को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। एक आरोपी घटना के वक्त नाबालिग था, इस कारण उसका मामला जुवनाइल कोर्ट में चलेगा।  
विज्ञापन

अभियोजन पक्ष के अनुसार 27 सितंबर 2012 को उमेश चतुर्वेदी व उनका पुत्र हिमांशु नगर पालिका के मार्केट में स्थित अपनी कंप्यूटर की दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान उनके ममेरे भाई जागेश्वर रिछारिया, रमेश रिछारिया, अंशुल नायक, सुरेंद्र रिछारिया, अतुल उर्फ राजा व कपिल रिछारिया हाथ में मिट्टी के तेल की कट्टी लेकर दुकान में घुस आए और पिता-पुत्र पर तेल उड़ेल दिया।

इसके बाद दोनों को आग के हवाले कर दिया। दोनों आग से बुरी तरह झुलस गए थे। उमेश की उपचार के दौरान 28 सितंबर 2012 को मेडिकल कालेज में, जबकि हिमांशु की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पांच अक्तूबर 2012 को मौत हो गई थी।
विज्ञापन


उमेश की पुत्री हिना चतुर्वेदी ने घटना की रिपोर्ट कोतवाली मऊरानीपुर में दर्ज कराई थी। इस मामले की सुनवाई करते हुए स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट डा. एके विश्वेश ने सरकारी वकील वीके राजपूत की दलीलों के आधार पर धारा 302 व 436 में जागेश्वर रिछारिया, रमेश रिछारिया, अंशुल नायक, सुरेंद्र रिछारिया व अतुल उर्फ राजा को आजीवन कारावास व एक लाख 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

अर्थदंड न देने पर तीन माह व एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। वहीं धारा 147 व 506 में दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। कपिल घटना के समय नाबालिग था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें