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फेसबुक वाली दोस्त ने बताई पैसे डबल करने की स्कीम, पैसे भेजते ही अकाउंट डिलीट, पढें और भी मामले

Fri, 27 Jun 2025 01:54 AM IST
सचिन सोनी अमर उजाला ब्यूरो, झांसी

सार

यदि फेसबुक पर अंजान महिला या पुरुष की फ्रेंड्स रिक्वेस्ट है तो संभलकर स्वीकार करें। इन अकाउंट के पीछे छिपे अपराधी धीरे-धीरे नजदीकी बढ़ाकर आपको विश्वास में लेते हैं। इसके बाद जाल में फंसाकर लाखों रुपये का चुना लगाते हैं और गुम हो जाते हैं। 
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विस्तार
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झांसी। साइबर थाना पुलिस के अनुसार, सीपरी बाजार निवासी एक व्यक्ति के फेसबुक पर अज्ञात महिला ने फ्रेंड्स रिक्वेस्ट भेजी, जिसे उसने तुरंत स्वीकार कर लिया। महिला ने तीन-चार दिन फेसबुक पर चैटिंग के दौरान उसका फोन नंबर ले लिया। इसके बाद, वाट्सएप अथवा वीडियो कॉल करके उसे अपने प्यार के जाल में फंसाना शुरू कर दिया। करीब 15-20 दिन बातचीत करने के दौरान महिला ने बताया कि उसने एक लिंक के माध्यम से दो-तीन दिन में अपनी धनराशि दोगुनी कर ली। यदि उसकी बातों पर यकीन है, तो वह भी अपनी राशि दोगुना कर सकता है। उसने महिला के बताए खातों में पैसा भेज दिया। जैसे ही लाखों रुपये महिला के खाते में ट्रांसफर हुए, महिला का फेसबुक एकाउंट डिलीट हो गया। जिस नंबर पर बातचीत हो रही थी, वह स्विच ऑफ हो गया। अब व्यक्ति परेशान है।

किसी भी अंजान से फेसबुक पर दोस्ती न करें। पुरुषों से महिलाएं वीडियोकॉल व वाट्सएप फोन करके धनराशि दो-तीन गुना करने का झांसा देकर लाखों रुपये का चूना लगा रही हैं। सलाह है कि लोग अंजान व्यक्ति का फ्रेंड्स रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। यदि कोई दो-तीन गुना धनराशि करने की बात कह रहा है तो कत्तई झांसे में न आएं। - चंद्रदेव यादव, साइबर थाना प्रभारी


 
  • केस-एक
न्यू नंदनपुरा सीपरी बाजार निवासी विनय कुमार सिंह ने बताया कि तीन मई 2025 को फेसबुक के माध्यम से अंजान व्यक्ति ने संपर्क किया। इसके बाद वाट्सएप पर संपर्क करके बातचीत की। उसने ऑनलाइन यूएसडीटी करेंसी ट्रेडिंग से अधिक लाभ के लालच में बैंक खाते से 17,17,168 रुपये में ट्रांसफर किए। अब वाट्सएप से और रुपये की मांग की जा रही है। पीड़ित ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। साइबर थाना प्रभारी चंद्रदेव यादव ने बताया कि पीड़ित के तीन लाख रुपये होल्ड हो गए हैं। जिन खातों में धनराशि भेजी गई है, उनके बारे में पता लगाया जा रहा है।
  •  केस-दो
एक छात्रा को साइबर ठग ने बातों के जाल में फंसा लिया। उसने छात्रों को एक क्यूआर कोड भेजते हुए कहा कि वह तीन दिन के अंदर इन्वेस्ट की धनरशि तीन गुना कर सकती है। उसकी बातों में फंसी छात्रा ने अपनी सहेलियों और क्लास की लड़कियों से संपर्क किया। छात्रा ने सहेलियों से कुछ-कुछ धनराशि उधार ली। इसके बाद क्यूआर कोड के माध्यम से धनराशि भेज दी है। धनराशि ट्रांसफर होने के बाद से जालसाज का फोन स्विच ऑफ है।
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