झांसी। नवाबाद थाना क्षेत्र में रहने वाले एक समुदाय के दो पक्षों में चल रही खूनी रंजिश में बुने जा रहे षड्यंत्र के तानाबाना की भेंट सुपारी किलर भागीरथ चढ़ा था। रुपयों की खातिर दोस्त ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर भागीरथ की हत्या कर दी थी। यह खुलासा निवाड़ी थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दो लोगों ने किया है।
निवाड़ी पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आंतिया तालाब निवासी सुरेश व उमा शंकर उर्फ बाबू ने खुलासा किया है कि जून में एक समुदाय के एक व्यक्ति की हत्या पांच लाख रुपये लेकर भागीरथ कुशवाहा ने की थी। इस मामले में भागीरथ पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। पीड़ित पक्ष को बाद में यह जानकारी हुई थी कि रुपये लेकर भागीरथ ने हत्या की थी। दूसरे पक्ष के इस कदम से पीड़ित पक्ष दहशत में आ गया था। डर सताने लगा था कि भागीरथ सुपारी लेकर और लोगों की हत्या कर सकता है। इसे देखते हुए इन लोगों ने भागीरथ को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। योजना के तहत भागीरथ के दोस्तों को ही तोड़ा गया। रुपयों की लालच में दोस्त ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से भागीरथ की हत्या कर दी। इसके बाद शव की शिनाख्त न हो सके इसलिए जलाने का प्रयास किया।
निवाड़ी पुलिस का कहना है कि इस खुलासे के बाद मुख्य मुल्जिम व उसके एक और साथी की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में जो भी लोग शामिल होंगे उनकी गिरफ्तारी भी की जाएगी। मालूम हो कि विगत दिनों टीकमगढ़ के निवाड़ी थानांतर्गत पलेरा में एक मारुति कार में सुपारी किलर भागीरथ कुशवाहा पुत्र रामगोपाल का शव मिला था। उसकी गोली मारकर हत्या की गई थी।
अवधेश से भी मिल सकती हैं और जानकारियां
कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार भागीरथ कुशवाहा का साथी अवधेश उर्फ भूरा से भी पुलिस को कई जानकारियां हासिल हो सकती हैं। निवाड़ी पुलिस का कहना है कि कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया अवधेश मृतक का सबसे खास व्यक्ति था, जिससे हत्याकांड के खुलासे में कई अहम् सुराग हाथ लग सकते हैं।