झांसी। सौतेली मां के उत्पीड़न से परेशान होकर घर छोड़कर झांसी आने वाली तीन किशोरियां दरिंदगी का शिकार होने से बच गईं। मदद को आगे आईं महिलाओं ने उन्हें अपने घर में छुपा लिया। वह मंगलवार को गुुपचुप तरीके से एसएसपी के पास लेकर पहुंच गईं, जहां से उन्हें कोतवाली थाने भेज दिया गया।
महाराष्ट्र के रायगढ़ निवासी तीनों किशोरियों ने बताया कि उनकी मां का निधन होने के बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली। शादी के बाद से सौतेली मां उन्हें प्रताड़ित करने लगीं। घर का काम करातीं और मारपीट करतीं। कई-कई दिनों तक खाने के लिए नहीं देतीं। जब पिता से शिकायत की तो उन्होंने भी कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाया। जब तीनों एक-दूसरे से मिलीं तो चुपचाप घर छोड़ने का फैसला कर लिया। करीब एक सप्ताह पहले तीनों अपनी मार्कशीट व जरूरी कागजात लेकर घर से निकल आईं।
ट्रेन से वह झांसी स्टेशन पर उतरीं, जहां एक ऑटो चालक को पूरी जानकारी देकर मदद मांगी। ऑटो चालक ने किराए पर एक मकान दिलाने की बात कही और उन्हें लेकर कोतवाली क्षेत्र के पठोरिया मुहल्ला में पहुंचा दिया। तीनों ने बताया कि मकान मालिक ने तीनों को रहने के लिए कमरा दे दिया और उनकी मदद करने लगा। उन्हें कुछ सामान भी मुहैया करवा दिया। कुछ दिनों के बाद उसने कहा कि वह आकांक्षा को दिल्ली भेज देगा और अनुष्का व सोनल को रख लेगा।
जब उन्होंने उसकी बात को नजरअंदाज करके चुप्पी साध ली तो वह उनके साथ गलत संबंध बनाने का कोशिश करने लगा। जब लड़कियों ने विरोध किया तो मकान मालिक ने सारा सामान ले लिया और घर से निकाल दिया। जब इसकी जानकारी आसपास की की महिलाओं को हुई तो उन्होंने चुपचाप उनकी मदद करना शुरू कर दिया। अनहोनी की आशंका के चलते महिलाओं ने तीनों को अपने-अपने घर में छुपाकर रख लिया।
मंगलवार की सुबह महिलाएं छुपते-छुपाते तीनों किशोरियों को लेकर एसएसपी के पास पहुंची, जहां पूरे मामले की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देख एसएसपी ने नवाबाद थानाध्यक्ष को बुलाकर तीनों किशोरियों के जिले की पुलिस से संपर्क करने और सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। नवाबाद थानाध्यक्ष ने तीनों को कोतवाली पुलिस के हवाले करके कप्तान के आदेशों से अवगत कराया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि तीनों किशोरियां अपने घर नहीं जाना चाहती हैं। इसलिए वह जिस मकान में रह रही थीं, उसके स्वामी का वेरीफिकेशन करके मकान में छोड़ दिया जाएगा।