झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश कक्षा संख्या छह दिग्विजय नाथ की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में अभियुक्त को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
थाना गुरसरांय के ग्राम सुट्टा निवासी सुरेश कुमार ने थाना सकरार में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उसका भाई रामकुमार झांसी में बैंड बजाने का काम करता था। वह अक्सर मगरपुर में अपनी ससुराल आया जाया करता था। 20 अक्तूबर 2010 को वह अपनी ससुराल मगरपुर गया हुआ था।
इसी दौरान उसकी चचेरे साले नारायण से कहासुनी हो गई। रात में जब रामकुमार सोया हुआ था, तभी नारायण उसके भाई के सिर पर सरिया मारकर भाग गया। इससे 27 अक्तूबर 2010 को रामकुमार की मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद धारा 304 में अभियुक्त नारायण को सात साल के कठोर कारावास की सुजा सुनाई। इसके अलावा दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्याम यादव ने की।