मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में एमडी की छात्रा डा. प्रीति मिश्रा की मौत की गुत्थी उलझ गई है। परिजनों ने षड्यंत्र के तहत हत्या का आरोप लगाया है। मौत का कारण पोस्टमार्टम से स्पष्ट नहीं होने पर अब बिसरा की फोरेंसिक जांच होगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गोरखपुर के सहजनवां थानांतर्गत खानीपुरा निवासी रेलवे टेक्नीशियन देवेंद्र मिश्रा की बेटी प्रीति मिश्रा (26) रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज से एमडी कर रही थी। वह मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्रावास के रूम नंबर 69 में रह रही थी। बृहस्पतिवार की रात करीब 10.52 बजे उसने अपने भाई अंकुर मिश्रा और मां उर्मिला मिश्रा ने फोन पर बात की थी। कुछ देर बाद उसकी तबियत खराब होने लगी। चिकित्सकों के अनुसार उसे डायरिया की शिकायत थी।
साथी छात्रा उसे लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंची, जहां उपचार कराया। तबियत सही होने के बाद साथी छात्रा ने डा. प्रीति को हॉस्टल में छोड़ दिया। कमरे का एयर कंडिशनर चलाकर वह सो गई। शुक्रवार को साथी डाक्टरों ने मोबाइल पर फोन किया मगर डा. प्रीति ने फोन नहीं उठाया। दोपहर में साथी छात्राएं हॉस्टल गई तो कमरा अंदर से बंद था और उसका शव पलंग पर पड़ा था और मुंह से झाग आ रहा था। सूचना पर नवाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची मगर वहां सुसाइड नोट और कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
शनिवार को झांसी आए भाई अंकुर मिश्रा और मां उर्मिला षड्यंत्र के तहत हत्या का आरोप लगाया। उनका कहना है कि दरवाजे पर लगी कुंडी अंदर से टूटी थी। मृत्यु के समय उसे ग्लूकोस चढ़ रहा था और मुंह से झाग आ रहा था। जिस रात में उसकी तबियत खराब होने की बात कही जा रही है, उसी रात 10.32 बजे से 10.52 बजे तक उसने अपने घर पर बात की थी। उसने अपनी तबियत खराब होने के बारे में कुछ भी नहीं बताया था। उनका कहना है कि यदि तबियत खराब होती हो, वह अवश्य फोन पर बताती। पुलिस ने भी ड्रिप लगे होने की पुष्टि की है।
मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. एनएस सेंगर ने डा. प्रीति की जहर से मौत होने की आशंका जताई है। नवाबाद थानाध्यक्ष बीएल यादव का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल उसके आसपास रहने वालों से पूछताछ की जा रही है।
शादी पक्की होना बताकर लिया था रूम
शुरूआती जांच में खुलासा हुआ है कि डा. प्रीति हॉस्टल के जिस कमरे में रह रही थी, वह विवाहित डाक्टरों को ही मिलता है। कुछ समय पहले डा. प्रीति ने प्राचार्य को पत्र देकर बताया था कि उसकी शादी पक्की हो चुकी है। प्रमाण के तौर पर एक युवक के साथ फोटो भी जमा कराई थी। पत्र पर युवक के हस्ताक्षर भी थे। उसके भाई और मां को वह फोटो दिखाई गई तो उन्होंने युवक को पहचानने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि प्रीति का न कहीं पर रिश्ता तय हुआ है और न बात चल रही है। पुलिस अब पूछताछ के लिए इस युवक की तलाश कर रही है।
पहले भी कर चुकी जान देने की कोशिश
नवाबाद थानाध्यक्ष आरबी यादव ने बताया कि पूछताछ से पता चला है कि डा. प्रीति ने सैफई मेडिकल कॉलेज में अध्ययन के दौरान दो वर्ष पूर्व आत्महत्या करने का प्रयास किया था। पुलिस का कहना है कि उसके परिवार से भी मधुर संबंध नहीं चल रहे थे। डा. प्रीति अविवाहित थी, जबकि उसकी छोटी बहन की शादी हो गई है।