झांसी। नवाबाद थाना क्षेत्र से 20 दिसंबर को अगवा किए राहुल तिवारी का अभी तक पुलिस सुराग नहीं लगा सकी है। अपहृत युवक की विधवा मां पुलिस अधिकारियों के पास चक्कर लगाते-लगाते थक चुकी है।
प्रेमनगर थानांतर्गत रानी लक्ष्मी नगर निवासी राहुल तिवारी पुत्र स्व. राकेश तिवारी आपे चालक है। 20 दिसंबर की सुबह वह अपनी मां ऊषा तिवारी से काम पर जाने की कहकर घर से निकला था।
देर रात तक वह घर नहीं आया तो मां को चिंता हुई। 21 दिसंबर को मोबाइल फोन मिलाया, तो स्विच आफ था। मां ने उसके नजदीकी दोस्तों से संपर्क किया तो पता चला कि 20 दिसंबर की दोपहर राहुल दो दोस्तों के साथ बस स्टैंड की तरफ जाते दिखा था। मां ने इसकी शिकायत तत्कालीन एसएसपी से की, इस पर नवाबाद थाने में अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया।
जब पुलिस ने राहुल के मोबाइल नंबर को खंगाला तो कुछ संदिग्ध नंबर हाथ लगे, इसमें एक नंबर महिला का था। एक मार्च को पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने बताया कि वह छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की रहने वाली है। करीब साढ़े तीन वर्ष से पति को छोड़कर नाबालिग बेटी के साथ झांसी रेलवे स्टेशन पर रह रही थी। स्टेशन के मंदिर के पास उसकी मुलाकात राहुल से हुई। कुछ दिनों के बाद उसकी राहुल से काफी नजदीकी हो गई थी।
उसने बताया था कि 20 दिसंबर की सुबह उसने राहुल को मिलने के लिए चित्रा चौराहा पर बुलाया था, जहां उन्होंने चाय पी। इस दौरान उसका एक और परिचित वहां पर पहुंच गया। परिचित अपने एक साथी के साथ राहुल को ले गया था।
इस मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई करती तब तक कप्तान का स्थानांतरण हो गया और जांच ठंडे बस्ते में चली गई। तब से लेकर अभी तक राहुल के अपहरण के मामले में पुलिस ने एक भी कदम आगे नहीं बढ़ाया है, जबकि उसकी मां अधिकारियों के पास चक्कर काट-काटकर परेशान हो गई है।