झांसी। जिला पुलिस के लिए सीसीटीवी फुटेज मददगार साबित नहीं हो रहे हैं, जिसके कारण आधा दर्जन से ज्यादा सनसनीखेज वारदातें पहेलियां बनी हुई हैं। हैरानी की बात है कि इन वारदातों के फुटेज पुलिस के पास हैं, मगर आज तक अपराधी एक भी नहीं पकड़ा जा सका है।
आज लोगों की नजर में सीसीटीवी कैमरे सुरक्षा के उपकरणों में महत्वपूर्ण है। लोगों को भरोसा है कि वारदात कैद होने के बाद पुलिस जल्द खुलासा करके अपराधी को पकड़ लेगी। जिसकी वजह से शहर में सैकड़ों जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। मगर जिला पुलिस जनता के भरोसे पर खरा नहीं उतर पा रही है। इसका एक कारण झांसी पुलिस के लिए अपराधियों के फुटेज भी कोई मददगार साबित नहीं हो पा रहे हैं।
केस नंबर एक :-
पांच फरवरी को कलेक्ट्रेट स्थित आईसीआईसीआई बैंक के अंदर कसाई मंडी निवासी मोहम्मद आरिफ व सईद 2.15 लाख से टप्पेबाजी करके एक बदमाश 1.88 लाख रुपये लेकर भागा था। इसके पुलिस ने बैंक के अंदर से फुजेट कब्जे में लिए मगर आज तक बदमाश पकड़ा नहीं गया है।
केस नंबर दो:-
12 फरवरी की दोपहर चिरगांव निवासी प्रभा देवी से चित्रा चौराहा के पास बाइक सवार बदमाशों ने 12 हजार रुपये लूटे थे। पीड़िता ने बताया था कि बदमाश स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के अंदर मौजूद थे। पुलिस ने बैंक के अंदर से बदमाश के फुटेज लिए मगर आज तक सफलता नहीं मिली है।
केस नंबर तीन :-
16 फरवरी को एसएसपी आवास के सामने जानकी पुरम् कालोनी से बाइक सवार बदमाश कार चालक से पांच लाख रुपये लूटकर भागे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सबसे पहले बदमाशों के सीसीटीवी पुटेज कब्जे में लेकर जल्द लुटेरों को गिरफ्तार करने का वायदा किया मगर आज तक सफलता नहीं मिली है।
केस नंबर चार:-
24 मार्च को कोतवाली के डड़ियापुरा में शकीला नाम की महिला ने बीस हजार डॉलर बेचने के नाम पर लहर की देवी क्षेत्र निवासी जसप्रीत सिंह को 1.75 लाख रुपये का चूना लगाया था। इस मामले की पुलिस के कब्जे में फुटेज आए मगर आज तक कुछ नहीं हुआ।
‘किसी भी वारदात के सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिलते हैं, तो अपराधी के थाना पुलिस को बनवाने चाहिए। मीडिया अथवा सोशल मीडिया में पब्लिस करने चाहिए ताकि अपराधियों के बारे में कोई सुराग लग सके। यदि जिले की पुलिस ने ऐसा नहीं किया है, तो गलत है। जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी।’
गरिमा सिंह, एसपी सिटी झांसी