दुर्घटना में पति की मौत के बाद जेठ की नीयत बदल गई। दोगुने से ज्यादा उम्र के जेठ ने विधवा से जबरन शादी रचाकर बंधक बना लिया। शारीरिक व मानसिक यातनाएं दीं। किसी तरह पांच माह बाद बंधन मुक्त होकर मायके पहुंची महिला ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। पीड़िता ने सोमवार को डीआईजी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
चिरगांव के गांव जरयाई की प्रियंका ने पत्र में बताया कि उसका विवाह सिमथरी गांव के एक युवक के साथ हुआ था। छह अक्तूबर 2014 को ट्रैक्टर संख्या एमपी32एम- 4874 की टक्कर से पति की मौत हो गई थी। वह शोक से उबर नहीं पाई थी, तभी अहसास हुआ कि दोगुनी उम्र के जेठ की उस पर बुरी नजर है। कुछ समय बाद वह शादी करने के लिए दबाव बनाने लगा। इनकार करने पर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोप है कि एक दिन वह कुछ खास लोगों के साथ उसे जबरदस्ती ओरछा ले गया, जहां मर्जी के बिना विवाह रचा लिया और घर पर बंधक बनाकर रख लिया। उसका शारीरिक व मानसिक शोषण किया जाने लगा। माता-पिता से मिलने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई।
चार सितंबर को उसे बेरहमी से लाठी-डंडों से पीटकर अधमरा कर दिया गया। किसी तरह मौका पाकर वह बंधन मुक्त होकर मायके आई और माता-पिता को आपबीती बताई। पीड़िता ने बताया कि उसकी उम्र 20 वर्ष है जबकि जेठ की करीब 48 वर्ष। पीड़िता ने डीआईजी कार्यालय में शिकायती पत्र देते हुए न्याय की फरियाद लगाई है।