बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी पर रिश्वत लेकर सत्यापन करने का आरोप लगा है। राज्यपाल से मामले की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई है। सबूत के तौर पर पैसे लेने की वीडियो फुटेज भी उपलब्ध कराई गई है। राजभवन के आदेश पर बीयू प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
भोगनीपुर निवासी रामप्रकाश निरंजन ने राज्यपाल राम नाईक से विश्वविद्यालय के कृषि विभाग में तैनात एक कर्मचारी पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। रामप्रकाश का आरोप है कि उक्त कर्मचारी कृषि विभाग में तैनात होने के बावजूद गोपनीय अभिलेखों में अंकों में हेरफेर कर फर्जी डिग्रियां, फर्जी सत्यापन करके लाखों रुपये कमाता है। उरई बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कुछ समय पहले छात्र सौरभ श्रीवास्तव का बीएड का सत्यापन करने के लिए रिकॉर्ड को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय भेजा था। कर्मचारी द्वारा सत्यापन करने के लिए रुपये मांगने की वीडियो रिकॉर्डिंग बना ली गई। आरोप है कि कर्मचारी द्वारा सत्यापन के बदले फोन पर पैसे मांगने की शिकायत पूर्व कुलपति के कार्यकाल में भी की गई थी। इस पर तत्कालीन कुलपति ने मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे। प्रशासन विभाग की मिलीभगत से पत्रावली को गायब कर मामला रफादफा कर दिया गया। आरोप है कि कर्मचारी को विश्वविद्यालय में कार्यरत एक रिश्तेदार का का संरक्षण प्राप्त है। शिकायतकर्ता ने रिश्वत लेने की शिकायत राजभवन में सबूतों सहित की है। राजभवन से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
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तलब किया स्पष्टीकरण
आरोपी कर्मचारी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जवाब आने और वीडियो फुटेज की जांच कराने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - सीपी तिवारी, कुलसचिव।