नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विशेष जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत ने एनएच-74 भूमि मुआवजा आवंटन घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी डीपी सिंह को पुन: तीन दिन की पुलिस रिमांड पर देने की अपील मंजूर कर ली है। अदालत के निर्देश पर एसआईटी ने सोमवार शाम बीडी पांडे अस्पताल में डीपी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। बाद में एसआईटी आरोपी को रुद्रपुर ले गई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार डीपी को 26 नवंबर को पुलिस रिमांड में लिया गया था, लेकिन डीपी सिंह का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण करीब डेढ़ दिन उसके स्वास्थ्य परीक्षण में बीत गया। इस कारण भूमि मुआवजा आवंटन घोटाले से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ पूरी नहीं हो सकी। इस कारण उसे पुन: तीन दिन की पुलिस रिमांड पर दिया जाए। एसआईटी की इस अपील का विरोध करते हुए डीपी के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि भूमि आवंटन घोटाले से संबंधित मुकदमा 10 मार्च को रुद्रपुर में दर्ज हुआ और उससे पूर्व आठ मार्च को भी तत्कालीन कमिश्नर के निर्देश पर एनएच 74 भूमि मुआवजा आवंटन से संबंधित रिकॉर्ड सील कर दिए गए थे। इधर 26 नवंबर से 28 नवंबर तक एसआईटी ने डीपी से गहन पूछताछ की थी। इसलिए उन्हें पुलिस रिमांड में लेने की जरूरत नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने, पूर्व में तीन दिन डीपी से पूछताछ न हो सकने के आधार पर विशेष जज कुमकुम रानी की अदालत ने आरोपी को पुलिस रिमांड पर देने की अपील मंजूर कर ली।
प्रभावशाली लोगों का नाम होने संबंधी दावों से मुकरा डीपी
नैनीताल। भूमि मुआवजा आवंटन घोटाले में कई प्रभावशाली लोगों के शामिल होने का पिछले दिनों से दावा कर रहे डीपी सिंह सोमवार को कोर्ट में अपने इन दावों से मुकर गया। डीपी ने कहा कि अभियोजन पक्ष मीडिया ट्रायल के लिए ऐसी खबरें प्रचारित कर रहा है। सोमवार को अदालत में डीपी को पुन: पुलिस रिमांड में देने संबंधी प्रार्थना पत्र पर बहस हो रही थी। इसका स्वयं डीपी, उनके अधिवक्ता विरोध कर रहे थे। इस दौरान कोर्ट ने जानना चाहा कि क्या डीपी इस घोटाले में शामिल प्रभावशाली नामों का खुलासा करने वाले थे। क्या यह खुलासा हो गया है। इस पर डीपी ने कहा कि उसने ऐसा दावा कभी नहीं किया।
फोनिया की जमानत अर्जी पर सुनवाई सात को
नैनीताल। भूमि मुआवजा आवंटन घोटाले के आरोपी पूर्व एसडीएम भगत सिंह फोनिया की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कुमकुम रानी की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल हुई है, जिसकी सुनवाई सात दिसंबर को होगी। मानकों से अधिक मुआवजा लेने के आरोप में एसआईटी द्वारा गिरफ्तार किसान चरन सिंह की ओर से भी नैनीताल कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल हुई है। इसकी सुनवाई आठ दिसंबर को होगी।
तीन आरोपियों के खिलाफ धाराएं बढ़ाईं
नैनीताल। एसआईटी ने भूमि मुआवजा घोटाले में तीन किसानों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं बढ़ा दी हैं। इन आरोपियों को सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के समक्ष पेश किया गया। ये आरोपी पूर्व से ही 13 दिसंबर तक न्यायिक रिमांड में हल्द्वानी जेल में बंद है। सोमवार को जिन आरोपियों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया, उनमें चरन सिंह, वेदप्रकाश, जिशान शामिल थे।