थाना नवाबाद इलाके में बने एटीएम के अंदर का लॉक तोड़कर बदमाश यहां से बीस लाख रुपये से अधिक की रकम निकालकर भाग गए। घटना 31 मार्च की रात बदमाशों ने अंजाम दी। घटना के अगले दिन सुबह बैंक कर्मी कैश की जानकारी करने एटीएम पहुंचे तो रकम नदारद देखकर हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची नवाबाद पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस मामले को संदिग्ध बता रही है।
मेडिकल कॉलेज रोड स्थित विश्वविद्यालय चौकी से चंद कदम की दूरी पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा खुली हुई है। इसके बगल में ही बैंक का एटीएम बना हुआ है। 31 मार्च की रात अज्ञात बदमाशों ने एटीएम में प्रवेश करने के बाद लॉक तोड़कर इसमें रखी बीस लाख रुपये से भी अधिक की राशि निकालकर भाग निकले। सुबह लोग एटीएम पर रुपये निकालने गए, लेकिन रुपये न होने के कारण बैरंग लौट गए। कुछ लोगों ने इसकी शिकायत बैंक कर्मियों से की। बैंक कर्मी एटीएम में खराबी मानकर मौके पर पहुंचे। एटीएम के पास जाकर देखा तो लॉक टूटा और इसमें रखी पूरी रकम नदारद थी। यह देखकर बैंक कर्मियों के होश उड़ गए। सूचना मिलते ही शाखा प्रबंधक करन सिंह चौहान ने मौके पर पहुंचकर नवाबाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एटीएम का निरीक्षण कर बैंक कर्मियों से मुलाकात की। इसके बाद पुलिस ने पड़ताल करते हुए क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
पुलिस मामले को संदिग्ध मान रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की घटना कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। क्योंकि एटीएम को काटा नहीं गया है। लॉक खोला गया है। लॉक खोलने के लिए पासवर्ड की जरूरत होती है, जो बैंक कर्मचारियों के पास ही होता है। एटीएम का सीपीयू भी गायब है, जिसके बारे में सिर्फ बैंक वालों को ही जानकारी होती है।
घटना के बाद से ही एटीएम बंद
घटना के बाद से ही एटीएम को बंद कर दिया गया है। बैंक स्तर पर एटीएम का लॉक खुलने से लेकर एटीएम की जांच की जा रही है। बैंककर्मी यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर लॉक कैसे खोल दिया। एटीएम में रकम रखते समय चाबी से बैंक कर्मी ही लॉक खोलकर रकम रखते हैं, इसके बाद चाबी से लॉक बंद होता है।