मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के साथ मारपीट के बाद घटना की जानकारी लेते हुए प्रधानाचार्य l
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सोमवार देर रात महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों एवं तीमारदारों के बीच भिड़ंत हो गई। आरोप है कि महिला डॉक्टर के साथ मारपीट की गई। वहीं, तीमारदारों ने भी डॉक्टरों पर घेरकर पीटने का आरोप लगाया है। हंगामे की सूचना पर नवाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घायल तीमारदारों को मेडिकल कराने जिला अस्पताल भेजा है। तनाव को देखते हुए वहां पुलिस बल तैनात किया गया है।
सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक की तीसरी मंजिल स्थित न्यूरो सर्जरी विभाग में बबीना निवासी विवेक पाल पुत्र राकेश का इलाज चल रहा था। सोमवार रात वार्ड में डा. शैजला गुप्ता की ड्यूटी थी। उनका कहना है कि रात करीब नौ बजे मरीजों को दवा देने के बाद उनका सोने का समय हो गया, लेकिन विवेक के कई तीमारदार वार्ड में खड़े होकर तेज आवाज में बात कर रहे थे। उनके मना करने पर तीमारदार उनसे उलझ गए। एक तीमारदार वीडियो बनाने लगा। वीडियो बनाने से मना करने पर आरोपियों ने गालीगलौज करने के साथ धक्कामुक्की की।आरोप है कि बीच बचाव करने पहुंचे डा. चंद्रप्रकाश बेनवाल एवं डा. गौरव सिंह को भी आरोपियों ने पीट दिया। हंगामा होने पर तीमारदार भाग निकले।
मारपीट की सूचना पर हॉस्टल से भी मेडिकल छात्र पहुंच गए। हंगामे की सूचना पर नवाबाद थाना की पुलिस पहुंच गई। उधर, पुलिस के पहुंचते ही तीमारदार सामने आ गए। उन्होंने डॉक्टरों पर मारपीट का आरोप लगाया। विवेक के पिता अशोक के मुताबिक डॉक्टरों ने उसके ऊपर हमला किया।पुलिस ने अशोक समेत तीन तीमारदारों का मेडिकल कराने जिला अस्पताल भेजा। मारपीट के बाद विवेक को उसके तीमारदार अस्पताल से लेकर चले गए। नवाबाद थाना प्रभारी संतोष अवस्थी का कहना है कि दोनों पक्ष एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं। अभी किसी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। उधर, प्रधानाचार्य डा. मयंक सिंह का कहना है कि मारपीट के दौरान सुरक्षाकर्मी नहीं पहुंचे, यह आपत्तिजनक है। इसकी जांच कराई जाएगी।
वीडियो बनाने को लेकर पहले भी कई बार हो चुका विवाद
मेडिकल कॉलेज में वीडियो बनाने को लेकर इसके पहले भी कई दफा जूनियर डॉक्टरों एवं तीमारदारों के बीच भिड़ंत हो चुकी है। वार्ड में भर्ती मरीजों का कहना है कि जूनियर डॉक्टर वार्ड के अंदर किसी को भी वीडियो बनाने नहीं देते। अगर कोई तीमारदार अपने मरीज की फोटो खींचना चाहता है उसे भी जूनियर डॉक्टर मना करते हैं। कई दफा उससे अभद्रता करते हैं।
- कुछ दिनों पहले एक मरीज के साथ आए तीमारदारों का मोबाइल तक जूनियर डॉक्टरों ने छीन लिया था हालांकि तीमारदार के माफी मांगने पर मोबाइल फोन वापस किया था।
- पिछले माह दो अप्रैल को इमरजेंसी में भर्ती मरीज का वीडियो बनाने के दौरान जूनियर डॉक्टरों का तीमारदारों से विवाद हो गया था।