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हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़: झांसे में लेकर बनाते थे अश्लील वीडियो, फिर आती थी पुलिस और खेल हो जाता था शुरू

Tue, 10 Jun 2025 07:05 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

गिरोह का एक सदस्य खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताकर लोगों को धमकाता था। आरोपी पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी वारदात कर चुके हैं। पकड़े गए आरोपियों से 15 मोबाइल फोन, 36 हजार रुपये नकद और तीन कारें बरामद की गई हैं।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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महिलाएं के जरिए लोगों को झांसे में लेकर अश्लील वीडियो बनाने और उसके बाद ब्लैकमेल करने वाले एक गिरोह को अमृतसर जिला शहरी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह के कुल 12 सदस्यों को पकड़ा गया है। इनमें एक फर्जी इंस्पेक्टर भी शामिल है जो लोगों को डराता और फिर पैसे वसूलता था। 

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पकड़े गए आरोपियों के नाम सुखचैन सिंह निवासी अड्डा उमरपुरा बटाला, मनजीत सिंह निवासी लेबर कॉलोनी अलीवाल रोड बटाला, राजबीर सिंह उर्फ राजा निवासी मोहिता रोड मकबूलपुरा, अमृतसर, अमनजीत कौर उर्फ अमन निवासी मकबूलपुरा,अमृतसर, मंजीत कौर निवासी मकबूलपुरा अमृतसर, सोनू निवासी गांव जमशेर खास, जालंधर, मनिंदरजीत सिंह उर्फ सन्नी निवासी आकाश विहार कॉलोनी अमृतसर, सहन सिंह निवासी गांव टाहलिया, मानसा, सतबीर सिंह उर्फ राझा निवासी गांव बीजापुर घरिंडा, अमृतसर, बलजीत सिंह उर्फ बीता निवासी रणजीत एन्क्लेव, जालंधर, मगद लीला निवासी गांव संसारपुर जालंधर और पुष्पिंदर कौर उर्फ पिंदर निवासी गांव रामगढ़ कुलिया मुकेरिया होशियारपुर है। इन आरोपियों ने पूरे राज्य में अपना नेटवर्क फैला रखा है।

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एडीसीपी जगरूप कौर बाठ ने बताया कि बटाला निवासी जसपाल सिंह ने थाना मकबूलपुरा में एक शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसे एक महिला ने अल्फा वन माल के पास बुलाया। वहां एक कमरे में बंद कर अश्लील वीडियो बना लिया। इसके बाद महिला ने उससे चार लाख रुपये की मांग की। पैसे नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की गई और महिला को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में विभिन्न शहरों में पूरे नेटवर्क के फैले होने का पता चला। इसके बाद टीमें गठित कर मानसा, होशियारपुर और गुरदासपुर समेत पूरे पंजाब में छापेमारी की गई। पहले पांच लोगों को पकड़ा गया। पूछताछ के बाद कुल बारह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 
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गिरोह का एक सदस्य खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताकर लोगों को धमकाता था। आरोपी पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी वारदात कर चुके हैं। पकड़े गए आरोपियों से 15 मोबाइल फोन, 36 हजार रुपये नकद और तीन कारें बरामद की गई हैं। इन सभी के खिलाफ अपहरण और जबरन वसूली का केस दर्ज किया है। गिरोह के कुछ अन्य सदस्य अभी फरार हैं। वहीं पकडे़ गए आरोपियों से तीन फर्जी आईडी कार्ड भी बरामद हुए हैं। इनमें एक भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा प्रधान मनजीत सिंह संघेरा के नाम से, दूसरा एएसआई सुखचैन सिंह के नाम से विजिलेंस ब्यूरो का कार्ड और तीसरा बलजीत सिंह के नाम से किसान यूनियन का कार्ड है। फिलहाल पूछताछ जारी है।   

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