मोंठ(झांसी)/कानपुर। यूपी एटीएस, घाटमपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच ने घाटमपुर में एक ट्रक से 30 हजार डेटोनेटर, 20 हजार जिलेटिन छड़ें और छह क्विंटल अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया है। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर और ट्रक के साथ चल रही एक स्कार्पियो से तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। स्कार्पियो सवार पंकज सिंह, विक्रांत सिंह, सोमनारायण राज रोहतास बिहार और ट्रक ड्राइवर निर्भय उर्फ रोशन सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।
बरामद ट्रक कानपुर और स्कार्पियो बिहार की है। गिरफ्तार लोगों की निशानदेही पर मोंठ झांसी निवासी चरन सिंह को एटीएस और क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया किया है उसके पास से भी भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। आशंका है कि इन विस्फोटकों से त्योहारों पर देश को दहलाने की साजिश रची गई थी।
कानपुर के एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि गुरुवार दोपहर 12 बजे मुखबिर की सूचना पर एसपी पूर्वी सोमेन बर्मा, एटीएस के डीएसपी मनीष सोनकर, सर्विलांस प्रभारी इंस्पेक्टर संतोष सिंह और घाटमपुर इंस्पेक्टर प्रमोद शुक्ला की टीम ने भोगनीपुर की ओर से आ रही एक सफेद स्कार्पियो और उसके साथ चल रहे ट्रक को रोककर तलाशी ली तो उसमें भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ। स्कार्पियो सवार लोगों पंकज सिंह, विक्रांत सिंह और सोमनारायण ने बताया कि यह विस्फोटक अवैध खनन के लिए बिहार और झारखंड ले जाया जा रहा था। बनारस, मुगलसराय होते हुए इसे सासाराम (बिहार) में अछेवर महतो नामक व्यक्ति को सौंपना था।
स्कार्पियो सवार लोग विस्फोटक लदे ट्रक के लिए एस्कार्ट का काम करते थे। रास्ते में आने वाली हर मुसीबत से ट्रक ड्राइवर को आगाह कर बचाते थे। ट्रक ड्राइवर और स्कार्पियो सवार युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसएसपी के अनुसार गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के बाद अहम खुलासे होने की संभावना है। माना जा रहा है कि विस्फोटक जमा कर देश के दुश्मन किसी बड़ी वारदात की फिराक में थे। असली उद्देश्य का पता करने के लिए आरोपियों को रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। देशविरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। इस गिरफ्तारी के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियों ने यूपी, बिहार, झारखंड में विशेष अभियान चला दिया है।
बताते चलें कि 7 जून को ईद के दिन भी कानपुर के जाजमऊ में एक लावारिस सैंट्रो कार से एक हजार डेटोनेटर मिले थे। कार पर बिहार का नंबर था। पुलिस और एटीएस की जांच के दौरान पता चला कि कार बनारस से चोरी हुई थी। इसी मामले की जांच के दौरान ये गिरफ्तारी और बरामदगी हुई है।