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लुटेरों ने मुंह में डाला दिया था केमिकल
सब हेड: दहशत से थोड़ा उभरी तो बुजुर्ग महिला ने अमर उजाला सुनाई आपबीती
क्रासर
लूटपाट में किसी नजदीकी के शामिल होने का संदेह
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
नंदनपुरा के सरयू विहार कॉलोनी में मंगलवार रात बुुजुर्ग महिला मीरा गुप्ता को बंधक बनाने के बाद लुटेरों ने उनके मुंह में केमिकल डाल दिया था, जिससे वे शोर न मचा सके। केमिकल से उनके मुंह में छाले और होठ सूज गए हैं। बृहस्पतिवार को जब वह दहशत से थोड़ा उभरी तो उन्होंने अमर उजाला से बातचीत कर आपबीती सुनाई। उनका कहना है कि किसी नजदीकी ने ही इस वारदात को अंजाम देने में लुटेरों की मदद की, क्योंकि लुटेरे उनसे बिना पूछे ही उस कमरे में चले गए, जहां अलमारी रखी थी। लुटेरों ने दूसरे कमरों को नहीं खंगाला।
सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के नंदनपुरा सरयू विहार कॉलोनी निवासी मीरा गुप्ता के पति महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज से एडिशनल डायरेक्टर के पद से रिटायर डॉ. राजेंद्र गुप्ता हैं। मंगलवार रात बदमाशों ने उन्हें बंधक बनाकर लूटपाट की थी। घटना के बाद से मीरा सहमी हुई है। अब भी घर की घंटी बजने पर उनके हाथ कांपने लगते हैं। बृहस्पतिवार को दहशत से थोड़ा उभरी तो मीरा ने अमर उजाला को बताया कि पोर्च में आने के बाद बदमाश दीवार के पीछे छुप गए थे। घंटी मुख्य दरवाजे के बाहर से बजाई गई थी। इस कारण घंटी बजने पर उन्होंने अंदर का दरवाजा खोल दिया। वैसे वे जब भी अकेली होती है तो रात नौ बजे के बाद गेट नहीं खोलती है, अंदर से ही पूछ लेती है कौन है? चूंकि, रात के 8.30 बजे थे, इस कारण सोचा कि कोई पड़ोसी होगा। इस कारण वे दरवाजा खोलकर पोर्च में आ गई। पोर्च में आते ही बदमाश सामने आ गए और उनका मुंह दबाकर अंदर ले गए। गैलरी में शोर मचाने की कोशिश की तो एक बदमाश ने तमंचा अड़ाकर गोली मारने की धमकी दी इससे वे दहशत में आ गई। बदमाश उनको घसीटते अंदर ले गए और मुंह खोलकर कोई केमिकल डाल दिया, जिससे वे शोर नहीं मचा सके। उनके पहने हुए गहने छीनने के बाद उनसे लुटेरों ने कोई बात नहीं की। सीधा अंदर एक कमरे में गए और अलमारी खोलकर उसमें रखी चाबी से लॉकर खोल लिया। लॉकर से नकदी और जेवरात निकालने के बाद उसी कमरे को लुटेरे खंगालते रहे। दूसरे कमरे में नहीं गए। लग रहा था जैसे लुटेरों को घर के बारे में सब जानकारी पहले से हो। एक बदमाश ने यह भी कहा कि अंकल घर पर नहीं है। अच्छा हुआ कि बदमाश दरवाजा बंद करके नहीं गए, नहीं तो वे रात भर अंदर ही बंद रहती। चारों लुटेरे जींस और फुट शर्ट पहने थे, जिनमें दो मुंह को कपड़े से ढके हुए थे।
बृहस्पतिवार को भी सीपरी थाना पुलिस और पुलिस की अन्य टीमें बदमाशों की सुरागकशी में जुटीं रहीं, लेकिन हाथ खाली हैं। पुलिस ने घर में आने वालों से पूछताछ शुरू कर दी है।
दुकान बंद होने का किया इंतजार
डॉ. राजेंद्र गुप्ता जब भी बाहर जाते थे, गली के सामने मुख्य सड़क किनारे बनी एक किराना दुकान के संचालक से बोलकर जाते थे। दुकान से उनका घर साफ दिखता था। संचालक दुकान से ही उनके घर पर नजर बनाए रखता था। वारदात की रात लुटेरों ने पहले दुकान बंद होने का इंतजार किया, इसके बाद ही वे दीवार फांदकर अंदर घुसे।
नंदनपुरा चौराहे के आसपास अराजकतत्वों का जमावड़ा
क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि नंदनपुरा चौराहे और आसपास पुलिस की कोई चौकी या थाना न होने के कारण यहां शाम होते ही अराजक तत्वों को जमावड़ा लगने लगता हैं। ऐसा कोई दिन नहीं जाता, जब अराजकतत्व किसी को परेशान न करते हो बिना किसी कारण लड़ाई लेकर सीधे-साधे लोगों को पीटना आम है। लोग भी शिकायत लेकर थाने नहीं जाते कि उनको रोज निकलना है। नुकसान दोबारा उनको ही होगा। महिलाएं और युवतियां रात में निकलने में खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं।