मध्य प्रदेश के जिला दतिया के बसई थाना क्षेत्र के लखनपुरा में पुलिस को लेने के देने पड़ गए। खेत के पास यूपी की सीमा में स्थित ग्राम चौपरा के ग्रामीणों ने भी हमलावरों का साथ दिया। हमलावरों ने लाठी, पत्थर व गुम्मों से हमला किया। अब पुलिस हमलावरों की धरपकड़ के लिए दबिशें दे रही हैं।
शनिवार को मध्य प्रदेश के जिला दतिया के बसई थाना प्रभारी अमित साहू को लखनपुरा गांव के सरपंच के पति रवींद्र पुरी के खेत पर भारी मात्रा में अवैध शराब रखे होने की सूचना मिली। इस पर उन्होंने शनिवार को दोपहर करीब बारह बजे टीम के साथ रवींद्र पुरी के खेत पर दबिश दी। पुलिस ने वहां से शराब बरामद की। इस मामले में कार्रवाई कर ही रही थी तभी गांव के कई लोग इकट्ठा हो गए।
उन्होंने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुुए पुलिस पर ईंट, पत्थर से हमला कर दिया। बचाव में पुलिस ने गोली चलाई। इससे भगदड़ मच गई। एक गोली सरपंच के जेठ बलराम को लग गई। यह देखकर गांव के लोगों में रोष फैल गया। उन्होंने इकट्ठा होकर पुलिस कर्मियों की जमकर पिटाई शुरू कर दी। उनको दौड़ा - दौड़ा कर पीटा। राइफलें भी छीन लीं। वर्दी भी फाड़ दी।
ग्रामीणों के चंगुल से छूटकर एएसआई समेत चार पुलिस कर्मचारी भागते हुए बबीना थाना क्षेत्र स्थित गुवावली पहुंचे। ग्रामीणों ने इनको पीछा कर गुवावली में पकड़ लिया। एक स्कूल में बंधक बनाने के बाद सभी को जमकर पीटा। पिटाई से एएसआई सुरेंद्र, राजेंद्र सिंह, महेश व चालक कुलदीप घायल हो गए।
ग्रामीणों की सूचना पर बबीना थानाध्यक्ष सत्यपाल सिंह व रक्सा की पुलिस दल बल के साथ मौके पर पहुंची। एसएसपी डॉ. ओपी सिंह, एसपी सिटी देवेश पांडेय भी वहां पहुंचे। उन्होंने सिपाहियों को मुक्त कराया। इस हमले में थाना प्रभारी साहू, एएसआई आरएस जादौन, आरक्षक महेश श्रीवास्तव, प्रधान आरक्षक रामदत्त तिवारी, रामप्रकाश यादव, गौरव ग्वाला, सुरेंद्र शर्मा, संजीव यादव, लक्ष्मीनारायण मिश्रा, ड्राइवर कुलदीप जादौन के सिर, हाथ, पैरों व शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई।
प्रधान आरक्षक रामदत्त तिवारी और ड्राइवर कुलदीप की हालत गंभीर होने पर बसई अस्पताल में प्रारंभिक इलाज के बाद जिला अस्पताल दतिया के लिए रेफर कर दिया गया। गुवावली से मुक्त कराए गए घायल सिपाहियों का बबीना में उपचार किया गया। घायल बलराम को ग्वालियर ले जाया गया है।