पुलिस टीम के दबोचने से पहले ही दे दी जान
- एटीएम से तीन बार निकाले थे रुपये
- घटना को अंजाम देकर उदयपुर आ गया था जवान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पत्नी व बच्चों को मारकर सीआईएसएफ जवान सीधे उदयपुर आ गया था। इसी बीच उसने एटीएम से रुपये भी निकाले। सूचना मिलते ही झांसी पुलिस भी सक्रिय होकर उदयपुर की तरफ रवाना हो गई। घटना वाले दिन टीम उदयपुर में ही तलाश कर रही थी। पुलिस उसे दबोच पाती, इससे पहले ही जवान फांसी पर लटक गया। सूचना मिलने के बाद मौके पर मौजूद टीम ने भी उसकी शिनाख्त कर ली है।
सीआईएसएफ जवान शेर सिंह गुर्जर ने अपनी पत्नी व बच्चों की हत्या करने की योजना काफी पहले बना ली थी लेकिन घटना को अंजाम देने से पहले उसके हाथ कांप गए थे। 23 सितंबर की रात जन्मदिन पार्टी मनाने के बाद जब सभी सो गए थे। जवान शेर सिंह ने अपनी गीता, बेटे कानू और बेटी तनिशा को पहले जहर दे दिया था। इसके बाद बेटे और बेटी का रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी थी। पत्नी पूरी तरह से बेहोश नहीं हुई थी, गला दबाने के दौरान पत्नी कुछ होश में थी और उसने बचने के लिए पति के साथ संघर्ष भी किया लेकिन कामयाब नहीं हो सकी। अंत में पति ने उसकी भी रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देकर वह सीधे झांसी से उदयपुर आ गया। यहां अपने एक साथी के पास भी रुका। कुछ दिन पहले उदयपुर में ही एक एटीएम से रुपये निकाले थे। जानकारी होते ही पुलिस की टीम उदयपुर के लिए रवाना हो गई थी। टीम ने उदयपुर पहुंचकर पुलिस से संपर्क किया। उदयपुर पुलिस भी झांसी पुलिस के साथ जवान की तलाश में जुट गई। इसके बाद दोनों ने चप्पा-चप्पा छानना शुरू कर दिया। पता चला कि घटना वाली सुबह जवान ने उदयपुर में फिर एटीएम से रुपये निकाले। पुलिस उसे दबोच पाती, तभी उसने पेड़ से लटककर फांसी लगा ली। सूचना मिलते ही झांसी पुलिस मौके पर पहुंची और उसकी शिनाख्त कर एसएसपी विनोद कुमार सिंह को सूचना दी।
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भाई के नाम कराना चाहता था जमीन
पता चला है कि जवान की पत्नी के नाम करोड़ों की जमीन थी। यह जमीन जवान अपने भाई के नाम कराना चाहता था। इसको लेकर उसका पत्नी से विवाद होने लगा था। पत्नी व उसके परिजन जमीन जवान के भाई के नाम करने को तैयार नहीं थे। इसी आवेश मेें आकर उसने पत्नी व बच्चों की हत्या कर दी। घटना वाली रात पत्नी व बच्चों के साथ जवान का भतीजा भी सो रहा था, लेकिन शेर सिंह ने उसे हाथ तक नहीं लगाया।