सड़क दुर्घटना में बेटे समेत दंपति की मौत
- टाकोरी रोड पर बालू से भरी ट्रैक्टर-ट्राली ने मारी टक्कर
- हादसे के बाद रनगुवां गांव में छाया मातम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
थाना बड़ागांव के रनगुवां गांव निवासी लाखन सिंह राजपूत पत्नी संध्या सिंह और बेटे सुमित के साथ रविवार की रात बाहर बड़ागांव गेट स्थित एक विवाह समारोह में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे। टांकोरी रोड पर कुमार का कुआं गांव के पास बालू ले जा रही ट्रैक्टर-ट्राली ने उनको टक्कर मार दी। हादसे में लाखन और सुमित की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, संध्या ने मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घटना से गांव में मातम पसरा रहा।
बड़ागांव क्षेत्र के रनगुवां निवासी हुकुम सिंह राजपूत के छोटे पुत्र लाखन सिंह (31) थे। उनकी शादी 13 साल पहले प्रतापपुरा के शंकरगढ़ निवासी संध्या से हुई थी। उनका बड़ा पुत्र सागर (10) अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटा सुमित (8) साथ रहता था। रविवार को गांव के ही एक परिवार का शादी समारोह कार्यक्रम बाहर बड़ागांव गेट स्थित विवाह घर में था। शादी समारोह में लाखन, पत्नी और छोटे पुत्र के साथ शामिल होने आए थे। रात नौ बजे के करीब तीनों बाइक से घर वापस लौट रहे थे। वह सखी के हनुमान के पास से जाने वाली टांकोरी रोड से गांव जा रहे थे। कुमार का कुआं गांव के पास तेज गति से आ रहे एक बालू से भरे ट्रैक्टर ट्राली ने उनको टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद ट्रैक्टर ट्राली लेकर चालक भाग गया, जबकि वह तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। पीछे आ रहे गांव के अन्य लोगों ने उनको मौके पर लहूलुहान हालत में पड़ा देखा। सूचना पुलिस को दी गई। आनन- फानन में लोग उनको लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने लाखन और सुमित को मृत घोषित कर दिया। जबकि संध्या ने दो घंटे बाद ही उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
इधर, हादसे के बाद गांव में मातम पसर गया। सोमवार को पूरे गांव में सन्नाटा के बीच चीख पुकार मची रही। मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस पर भी नाते-रिश्तेदारों और शुभचिंतकों की भीड़ लगी रही।
अवैध खनन से हो रहे हादसे
महानगर से 15 से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बिठरी, सरसई और खिरिया घाट से दबंग अवैध खनन कर बालू शहर में ला रहे हैं। इसके लिए दबंग टांकोरी रोड का ही उपयोग हो रहा है। शाम होते ही अवैध खनन शुरू हो जाता है। चूंकि, टांकोरी रोड मुख्य सड़क का ट्रैफिक नहीं रहता है। इसकारण अवैध खनन करने वाले तेज गति से यहां से ट्रैक्टर ट्रालियों को निकलवाते हैं। रनगुवां के गांव के लोगों का कहना है कि पुलिस की साठगांठ से सब चल रहा है। पिछले एक साल में अवैध खनन करने वाली ट्रैक्टर ट्रालियों से पांच लोगों की मौत हो चुकी हैं।