कॉलेज व कोचिंग सेंटर बने शोहदों के अड्डे
झांसी। शहर में स्थित कॉलेज व कोचिंग सेंटर शोहदों के अड्डे बने है। पुलिस के एंटी रोमियों दल की लचरता की वजह से शोहदे यहां पढ़ने आने वाली छात्राओं से छेड़खानी करने में भी नहीं डरते है। पिछले पंद्रह दिनों पहले ऐसी ही वारदात आंतियां तालाब स्थित एक कोचिंग सेंटर के बाहर घटी, यही हाल अन्य जगहों का भी है। जिससे छात्राओं में खौफ बना हुआ है।
महानगर की कोचिंग में पढ़ने वाली छात्राएं इन दिनों शोहदों से परेशान हैं। आए दिन बाइक, स्कूटी पर सवार शोहदे छात्राओं के साथ छेड़खानी करने लगे हैं। स्कूल जाने के दौरान तो माता- पिता या कोई अभिभावक साथ होता है, लेकिन स्कूल से लौटने के समय यही शोहदे घात लगाकर इन छात्राओं के साथ बदतमीजी कर देते हैं। बदनामी और खौफ के कारण बच्चियां इसकी शिकायत कई बार अपने माता- पिता से भी नहीं करतीं और यदि कभी शिकायत करती भी हैं तो माता पिता खुद ही मामला सुलटाने और आरोपियों को सबक सिखाने का प्रयास करने लगते हैं। इसलिए पुलिस तक इन मामलों की प्राथमिकी नहीं पहुंच पाती। पिछले दिनों पहले आतियां ताल स्थित एक कोचिंग सेंटर में पढ़ने आने वाली छात्रा के साथ भी छेड़खानी की घटना हो चुकी है।
वहीं, लड़कियों-महिलाओं को शोहदों से बचाने के थानों पर एंटी रोमियो दल का गठन किया था। दस्ते के पुलिसकर्मियों को शहर के महिला कॉलेज व कोचिंग, सार्वजनिक जगहों और पार्कों में लगाया गया था। रोज चेकिंग के दावे किए गए, लेकिन हकीकत यह है कि अब यह दस्ता सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है।
पैदल घर जाना हो रहा दुश्वार
इन शोहदों की दहशत सबसे ज्यादा मध्य वर्गीय परिवार से आने वाली छात्राओं पर है। बड़े घराने की बच्चियां तो चार पहिया वाहनों या कम से कम दोपहिया वाहनों से घर पहुंच जाती हैं, लेकिन जो छात्राएं पैदल घर तक जाती हैं। उन्हें इस शर्मनाक हकीकत का सामना कई बार करना पड़ रहा है।
शुरू होगा अभियान
इसमें किसी भी तरह की कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। समय - समय पर थानों की पुलिस चेकिंग करती है। शोहदों पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए अभियान छेड़ा जाएगा। जो भी पकड़ा जाएगा उस पर कानूनी कार्रवाई होगी।
डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी