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कोर्ट ने खारिज किया रेल अधिकारी का आदेश

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कोर्ट ने खारिज किया रेल अधिकारी का आदेश
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झांसी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने वैगन मरम्मत कारखाना लेखा विभाग के एक अधिकारी के आदेश को खारिज कर दिया है, जिसमें अधिकारी ने एक कर्मचारी को रजिस्टर का रखरखाव न करने पर चार्जशीट जारी की थी।
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव के अनुसार वैगन मरम्मत कारखाने के लेखा विभाग में कार्यरत एक अधिकारी ने 2011 से 2013 के बीच 20 कर्मचारियों को माइनर चार्जशीट जारी की थी। इसमें तीन चार्जशीट कर्मचारी एके भाटिया को दी गई थी। इनमें दो चार्जशीट के आरोप सही नहीं पाए जाने पर उप मुख्य वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी ने खारिज कर दिया। जबकि, कर्मचारी को एक चार्जशीट में फ्यूनरल एडवांस रजिस्टर का रखरखाव न किए जाने के आरोप में एक साल की वेतन वृद्धि रोक दी गई। इसके बाद कर्मचारी ने रेलवे बोर्ड से जन सूचना अधिनियम के तहत फ्यूनरल एडवांस रजिस्टर के रखरखाव के बारे में जानकारी मांगी। जवाब में बताया गया कि भारतीय रेल स्थापना संहिता एवं भारतीय रेल लेखा संहिता में इस प्रकार के रजिस्टर के रखरखाव का कोई उल्लेख नहीं है। लेखा विभाग के नियमों की जानकारी के बिना अधिकारी ने चार्जशीट थमा दी। इसके बाद कर्मचारी ने चार्जशीट के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वाद दायर किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने अधिकारी के आदेश को खारिज कर दिया। यह आदेश कारखाने में चर्चा में बना हुआ है।
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