प्रधानाध्यापक की आत्महत्या में पांच पर रिपोर्ट
तालबेहट। तहसील के ग्राम पंचायत म्याव के मजरा सेमरेखेरा में ग्राम प्रधान एवं अपने सहयोगी जनों से तंग होकर आत्महत्या करने वाले प्रधानाध्यापक ओम प्रकाश पटैरिया के पुत्र चंद्रांशु पटैरिया की तहरीर पर रविवार को कोतवाली पुलिस ने प्रधान मोहन सिंह, बांसी निवासी जिला समन्यवक मिड-डे मील कपिल दुबे, सहायक अध्यापक रूपेश कुमार, बीआसी समन्यवक चंद्र प्रताप सिंह परमार उर्फ बंटी राजा एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष सोन सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले के मुख्य आरोपी प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी।
बताते चले कि शनिवार को सेमरखेरा के प्रधानाध्यापक ने अपनी सेवा काल के अंतिम दिन प्रधान से हुए विवाद के बाद विद्यालय परिसर में ही मिट्टी का तेल डाल कर आत्म हत्या कर ली थी। इससे पहले उन्होंने विद्यालय के ब्लैक बोर्ड पर सुसाइड नोट भी लिखा था।
उरई के जालौन रोड स्थित मोहल्ला पटेल नगर निवासी चंद्रांशु ने तहरीर में बताया कि उसके पिता 28 अगस्त 2004 से इस विद्यालय में कार्यरत थे। जब से ग्राम प्रधान मोहन सिंह बने तब से वह जिला समन्यवक एमडीएम कपिल दुबे के साथ मिलकर विद्यालय के मिड-डे मील (एमडीएम), फल वितरण, शासन द्वारा दिए जाने वाले ड्रेस एवं स्वेटर वितरण में कमीशन देने के लिए उसके पिता पर दबाव बनाने रहे थे। इसके अलावा विद्यालय के सहायक अध्यापक रूपेश कुमार निरंजन एवं बीआरसी बंटी राजा उर्फ चंद्र प्रताप परमार एवं एसएमसी अध्यक्ष सोन सिंह भी मिलकर कमीशन देने के लिए उसके पिता को परेशान करने लगे। चंद्रांशु ने बताया कि उसके पिता ने कई बार इसकी आपबीती मुझे एवं मेरे भाई विनायक पटैरिया एवं सहायक अध्यापक भानू गोस्वामी को बताई। यह सभी लोग विद्यालय में आकर पिताजी से गाली-गलौज करते थे। साथ ही बताया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रार्थी के पिता को नौ माह से वेतन एवं ऐरियर नहीं दिया गया था। जिससे उन पर मानसिक दबाव बढ़ता जा रहा था। शनिवार को ग्राम प्रधान एवं अन्य लोगों द्वारा गाली गलौज एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। जिस पर उसके पिता ने मानसिक संतुलन खोते हुए मिट्टी का तेल डाल कर आत्म हत्या कर ली। उसने सभी को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
निष्पक्ष जांच कराने की मांग
ललितपुर। ग्राम बिजरौठा के प्रधान के नेतृव में ग्रामीणों ने म्याव प्रधान के खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग को लेकर डीएम मानवेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायत म्याव के मजरा सेमरखेरा के प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक ओम प्रकाश पटैरिया की सेवानिवृत्ति 31 मार्च को होना थी। साथ ही प्रधानाध्यापक के खिलाफ एमडीएम और दूध वितरण में धांधली करने के मामले में जांच चल रही थी। इससे अध्यापक का वेतन रुका भी हुआ था। साथ ही पुत्र को जिला बदर के आदेश थे और परिवार के लोग साथ में नहीं रहते थे। इन कारणों के चलते रंजिशन प्रधान को झूठा फंसाने का षड्यंत्र रचा गया। जिस पर पुलिस ने ग्राम प्रधान मोहन सिंह को थाने में बिठा लिया है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। ज्ञापन पर बिजरौठा प्रधान करन सिंह कुशवाहा, कृपाल सिंह, प्रमोद सिंह, जयपाल सिंह, चंद्रपाल सिंह, जीतूराजा, केशवंत सिंह आदि के हस्ताक्षर बने हैं।