रिषी (सफेद शर्ट) को लेकर पत्रकार वार्ता करते एसपीआरए यशवीर सिंह, प्रशिक्षु आईपीएस रोहन और सीओ।
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नए हाईवे बाईपास स्थित तालसपुर के पास पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद दबोचे गए 25 हजार के इनामी लुटेरे पिंकी उर्फ सुभाष का एक और 25 हजार का इनामी साथी रिषी सर्विलांस टीम की मदद से खैर पुलिस ने दबोच लिया। दबोचे गए रिषी ने लेखराज की हत्या के अलावा जानबूझकर अपने साथी अजय को घायल कर इगलास में फेंकने की बात स्वीकारी है। रिषी ने हत्या में प्रयुक्त बाइक व खून से सनी वह शर्ट भी बरामद कराई है, जो वह घटना के वक्त पहने हुए था। इधर, अस्पताल में डॉक्टरों की राय के बाद सुभाष उर्फ पिंकी को भी जेल भेज दिया गया है।
एसपी देहात डॉ. यशवीर सिंह, सीओ खैर तेजवीर सिंह, प्रभारी इंस्पेक्टर/एएसपी रोहन पी बौत्रे ने रविवार दोपहर पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि अपहृत लेखराज निवासी मोहल्ला शिकरवार खैर के संबंध में 28 मार्च को गुमशुदगी दर्ज की गई थी, जिसकी बरामदगी के लिए लगी थाना व सर्विलांस टीम ने पाया कि 14 मार्च को लापता लेखराज की लाश 18 मार्च को इगलास में मिली, जिसकी परिजनों ने पहचान कर ली। इसी मामले में वांछित 25 हजार के इनामी सुभाष उर्फ पिंकी को बुधवार देर शाम सर्विलांस टीम ने मुठभेड़ में दबोचा था।
उससे मिली जानकारी पर रिषी पुत्र गिर्राज निवासी मो.शिकरवार खैर को भी दबोच लिया गया। रिषी ने अपने साथियों के नाम पिंकी के अलावा अजय व चेतन और बताए हैं। उसने लेखराज की हत्या पिंकी द्वारा परिवार की युवती से जुड़े विवाद में करना स्वीकारा। साथ ही बताया कि अजय को जानबूझकर पुलिस का ध्यान बांटने के लिए मारपीट कर इगलास में जख्मी कर फेंका गया था। ताकि पुलिस लेखराज की हत्या में हम लोगों की ओर ध्यान न दे। चूंकि अजय पहले से अस्पताल में इलाज पा रहा है। इसलिए पुलिस ने उसकी निगरानी बढ़ा दी है। वहीं अब चेतन की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। इधर, पिंकी को भी अस्पताल से जेल भेज दिया गया है। इस गिरफ्तारी टीम में एसएसआई पवन चौधरी व सर्विलांस टीम के अभय शर्मा आदि शामिल रहे।