ग्राम प्रधान के चाचा की गोली मारकर हत्या
झांसी। थाना रक्सा इलाके में खेत पर जाते समय ग्राम प्रधान कमलेश यादव के चाचा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना को उस समय अंजाम दिया गया जब वह खेत पर जा रहे थे। पांच हमलावरों ने मारपीट करने के बाद सीने में गोली मार दी। गंभीर हालत में उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के पीछे चुनावी रंजिश बताई जा रही है। पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
रक्सा के गांव जेवरा निवासी कृपाराम माते (62) किसानी करते थे। मंगलवार की सुबह वह प्रतिदिन की तरह अंगूठी डेम के पास बने खेतों पर भैसों को पानी देने पैदल निकले। अभी वह घर से कुछ दूरी पर निकले थे कि इसी बीच गांव के रहने वाले पांच लोगों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद बाद गाली गलौज शुरू हो गई। इसी बीच एक हमलावर ने सीने में लात मार दी। कृपाराम के नीचे गिरते ही सभी ने उनकी बेहरमी से पिटाई शुरू कर दी। जिससे बचने के लिए उन्होंने भागने का भी प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बाद जमीन पर गिराने के बाद सीने में दो गोलियां मार दीं। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी दौड़े। कृपाराम को जमीन पर तड़पता देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची रक्सा पुलिस ने उपचार के लिए मेडिकल लेकर पहुंची, जहां उपचार से पहले ही कृपाराम ने दम तोड़ दिया।
वहीं, मृतक के नाती मनीष यादव का आरोप है कि मृतक के भतीजे कमलेश यादव ने गांव से ही ग्राम प्रधानी का चुनाव लड़ा था। जिस बीच विवाद भी सामने आए थे। कमलेश की जीत के बाद गांव के कुछ उनसे रंजिश मानने लगे थे। पुलिस ने मृतक के पुत्र अंशुल की तहरीर पर गांव में रहने वाले चंदन, रामजी, पप्पल, राजकुमार और सिमरा निवासी संजीव के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
छह माह पहले भी हुआ था विवाद
चुनावी रंजिश के साथ ही रंगदारी की बात भी सामने आ रही है। बताया गया है कि कमलेश यादव के प्रधान बनने के बाद गांव के कुछ लोग रंगदारी भी मांगने लगे थे। उनका कहना था कि ग्राम प्रधानी के खर्च होने वाली निधि से भी रकम मांगी जा रही थी। जिसे देने के लिए कमलेश यादव ने मना कर दिया था। इसको लेकर भी लोग रंजिश मानने लगे थे।
पुलिस ने कई स्थानों पर दी दबिश
पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद पांचों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश देना शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी नहीं मिले। इसी क्रम में पुलिस ने गांव भी डेरा जमा लिया है, ताकि किसी तरह का विवाद पैदा न हो सके।