फसलों के अवशेष जलाने पर होगा जुर्माना
झांसी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सख्त रुख के बाद भी खेतों में धड़ल्ले से पराली (फसलों के अवशेष) जलाए जा रहे हैं। इस पर अपर जिलाधिकारी ने जिले के सभी उप जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही ऐसे किसानों को चिह्नित कर उनसे जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए गए हैं।
हार्वेस्टर के माध्यम से कटाई के बाद खेतों में फसलों के अवशेष रह जाते हैं, जिन्हें उखाड़ने की जगह ज्यादातर किसान आग लगा देते हैं। इससे सूक्ष्म जीवाश्मों के जल जाने से खेतों की उर्वरा शक्ति तो नष्ट होती ही है, साथ ही धुएं से वायु प्रदूषण भी होता है। इस पर एनजीटी की ओर से रोक लगाई गई है। बावजूद, ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बीते रोज चिरगांव में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) नगेंद्र शर्मा ने फसलों के अवशेष जलते हुए देखे थे। इस पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताते हुए चिरगांव थानाध्यक्ष को इस पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। साथ ही शुक्रवार को उन्होंने जिले की पांच तहसीलों के उप जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं, जिसमें उन्होंने अवशेष जलाने वाले किसानों का लेखपालों के जरिये ब्योरा तैयार कराने को कहा है। साथ ही ऐसे किसानों से जुर्माना वसूलने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई की तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है।