नहर में गिरे तीन युवक, एक लापता, बवाल
दतिया/झांसी। शनिवार को रात में करीब आठ बजे मां पीतांबरा के दर्शन कर घर लौट रहे बाइक सवार तीन युवक चिरूला के पास राजघाट नहर में जा गिरे। दो युवकों को तो नहर से निकाल लिया गया, लेकिन तीसरे का पता नहीं चल सका। रविवार की सुबह नहर में डूबे युवक का पता लगाने की मांग करते ुहए परिजनों ने चिरूला के पास नहर की पुलिया पर जाम लगा दिया। इस दौरान वहां से निकलने वाली बसों और ट्रकों में तोड़फोड़ भी की गई। पत्थरबाजी भी हुई। इस पर पुलिस ने बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़ दिया। ग्यारह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रविवार को चार थानों के डेढ़ सौ से अधिक पुलिस कर्मी चिरूला से लेकर भूता के जंगल तक 20 किमी लंबी नहर में डूबे युवक को तलाशते रहे, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। संतोष के घर में कोहराम मचा हुआ है।
झांसी के कोतवाली के नई बस्ती स्थित दतिया गेट निवासी संतोष कुशवाहा (40) अपने दोस्त वन विभाग कॉलोनी निवासी राजीव और तलैया मोहल्ला निवासी पवन के साथ बाइक पर सवार होकर शनिवार शाम सात बजे पीतांबरा पीठ पर दर्शन करने के लिए गए थे। रात करीब आठ बजे तीनों बाइक से ही झांसी आ रहे थे। अभी तीनों चिरूला के पास राजघाट नहर की पुलिया पर पहुंचे तभी अंधेरा होने के कारण पुलिया के पास रखी डामर की खाली टंकी दिखाई नही दी और बाइक टंकी से टकराकर नहर में जा गिरी। इस दौरान डायल-100 के पायलट महेंद्र प्रजापति की नजर उन पर पड़ गई। उन्होंने तत्काल लोगों के सहयोग से नहर में कूदकर राजीव व पवन को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन संतोष का पता नहीं लग सका। घायल राजीव व पवन को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
रविवार सुबह परिजन अपने रिश्तेदारों व दोस्तों के साथ चिरूला के पास मौके पर पहुंच गए। यहां संतोष के न मिलने पर गुस्साए लोगों ने नहर की पुलिया पर जाम लगा दिया। सूचना पाकर एसडीएम मनोज प्रजापति, एएसपी मनजीत सिंह चावला व अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समझाना शुरू किया। अभी बातचीत चल रही थी, तभी कुछ युवकों ने जाम में फंसे वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। इस पर गुस्साए पुलिसकर्मियों ने लाठियां भांजीं। लोग यहां - वहां भागने लगे। पुलिस ने मौके से धीरेंद्र कुशवाहा, गंगाराम कुशवाहा, अभिषेक लोधी, अनिल कुशवाहा, राधेश्याम कुशवाहा, मोनू कुशवाहा, विनय कुशवाहा, ठाकुरदास कुशवाहा, जितेन्द्र कुशवाहा, किशन कुशवाहा और पप्पू कुशवाहा को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किया है।
यह रहा कारण
वर्तमान में चिरूला के पास नेशनल हाइवे का निर्माण चल रहा है। सुचारू आवागमन के लिये निर्माण एजेंसी ने नहर के लेबल से सड़क डालकर नहर पर पुलिया बना दी। पुलिया संकरी है इसलिए तेज रफ्तार वाहनों के चालकों को नजर नहीं आती है। यही कारण रहा कि बाइक चला रहे संतोष इसे देख नहीं सका।
कम किया नहर का पानी
संतोष को खोजे जाने के लिए नहर का पानी कम करने के बाद करीब बीस किलोमीटर तक तलाश किया, इसके बाद भी पता नहीं लग सका। प्रशासन ने सिंचाई विभाग को नहर का पानी कम करने के निर्देश दिए। इसके बाद भी रविवार शाम तक पानी केवल डेढ़ से दो फीट ही कम हुआ।