हत्या में पति को उम्रकैद
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार त्रिपाठी की अदालत में पत्नी की हत्या का दोष सिद्घ होने पर अभियुक्त पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अदालत ने अभियुक्त पर दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संतोष कुमार दोहरे के अनुसार ग्राम दिनवारा थाना निवाड़ी जिला टीकमगढ़ निवासी बाबूलाल कुशवाहा ने थाना बरुआसागर में एक अगस्त 2015 को तहरीर देते हुये बताया था कि उनकी बहन कुसुमा का विवाह बांस भिरे की टौरिया बरुआसागर निवासी नाथूराम कुशवाहा के साथ हुआ था। 31 अगस्त की रात्रि कुसुमा अपने खेत पर बनी टपरिया में सो रही थी, जिसको पति नाथूराम व चतरे पुत्रगण हरदास कुशवाहा ने कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। बताया कि नाथूराम शराब पीने का आदि था। जिसे कुसुमा मना करती थी। नाथूराम ने अपनी जमीन व मकान भी बेच दिया था और खेत में टपरिया बनाकर रहने लगा था। इसके बाद भी शराब की लत न छोड़ने पर पत्नी के विरोध पर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने अभियुक्त नाथूराम कुशवाहा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
शनिवार को अदालत में अभियोजन द्वारा प्रस्तुत गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर पति नाथूराम कुशवाहा को धारा 302 में आजीवन कारावास औैर दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
दलित के साथ मारपीट में सजा
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश एससी व एसटी एक्ट शकील अहमद खां की अदालत में दलित के साथ गाली गलौच, मारपीट, जान से मारने की धमकी देते हुये उत्पीड़ित किये जाने का दोष सिद्घ होने पर अभियुक्त को तीन साल की सजा सुनाई गई।
पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बीके राजपूत ने बताया कि थाना मऊरानीपुर क्षेत्र स्थित ग्राम बुखारा निवासी अंगूरी देवी ने तहरीर देते हुये पुलिस को बताया था कि 13 अक्टूबर 2014 की रात नो बजे वह अपने घर में थी। गांव के वीरेन्द्र ने आकर मजदूरी के लिये चलने को कहा। उसके पति के इंकार करने पर वीरेंद्र ने अंगूरी देवी के पति के साथ गाली गलौच करते हुये मारपीट भी कर दी। उसने बचाने का प्रयास किया तो उसके साथ भी मारपीट की। जाति सूचक शब्दों से अपमानित करते हुये वीरेंद्र जान से मारने की धमकी देता हुआ चला गया। पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। शनिवार को दोषसिद्घ होने पर अभियुक्त वीरेन्द्र को धारा 452, 506 व 3(1)10 एससी/एसटी एक्ट के अपराध में तीन - तीन साल की सजा, एक - एक हजार रुपये जुमाने की सजा सुनाई।
धोखाधड़ी के मामले मेें रिपोर्ट दर्ज
झांसी। धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। एसएसपी के आदेश पर नवाबाद पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है।
सदर बाजार निवासी विनोद कुमार अग्रवाल ने एसएसपी से शिकायत करते हुए बताया था कि आंतिया तालाब के पास 07 अप्रैल 1989 को जरिये रजिस्टर्ड बैनामा एक प्लॉट खरीदा था, जिस पर उसका कब्जा है। बाद में साझेदारी में फर्म का गठन किया गया। जिसमें उसका भाई प्रमोद कुमार अग्रवाल, अनिल कुमार अग्रवाल, मां शांति देवी व पत्नी सपना अग्रवाल साझेदार थे। प्रबंधक होने के नाते उसे सारे अधिकार प्राप्त थे। इसी बीच मां की मृत्यु हो गई। विनोद वृद्ध व बीमार हो गया। आरोप है कि लाभ उठाते हुये रविन्द्र ने भाई प्रमोद के साथ षड़यंत्र कर फर्म के फर्जी कागजात तैयार करा लिये और अपना कब्जा जमाना शुरू कर दिया। इसी दौरान प्रमोद की भी मृत्यु होने पर रविंद्र ने उसके परिवार को चलता कर दिया। पीड़ित ने बताया कि लगातार बीमारी के कारण वह फैक्ट्री नहीं जा सका। विगत 10 मार्च को पहुंचा तो फैक्ट्री में दूसरे ताले लगे हुये थे। करीब 07 लाख रुपये की मशीनें व अन्य सामान गायब था। भाई रविन्द्र से पूंछे जाने पर उसने 50 लाख रुपयों की मांग कर धमकाया। नवाबाद पुलिस ने रविंद्र कुमार अग्रवाल पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।