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बाबूलाल तिवारी

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बाबू लाल तिवारी बस डकैती में वांछित
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झांसी।
शहर के प्रतिष्ठित बीकेडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बाबूलाल तिवारी मध्य प्रदेश के टीवी चैनलों और अखबारों में सुर्खी बने हुए हैं। कथित तौर पर उनका नाम मध्यप्रदेश में 39 साल पुराने बस डकैती कांड में सामने आया है। वारदात के ही एक अन्य आरोपी ने टीवी पर यह बात कही है कि जो बाबूलाल तिवारी डकैती के मामले में फरार है वह बीकेडी के प्राचार्य डॉ.बाबूलाल तिवारी हैं। इस संबंध में उसने एक हलफनामा भी छतरपुर पुलिस को दिया है। उधर, तिवारी ने आरोप को सिरे से नकारते हुए इसे विरोधियों का षड्यंत्र बताया है।
यह मामला छतरपुर के बमीठा थाने में (अपराध क्रमांक 50/79 ) दर्ज है। 1979 में पांच लोगों ने छतरपुर से जबलपुर जाने वाली एक बस में यात्रियों के साथ लूटपाट कर डकैती की घटना को अंजाम दिया था। इस प्रकरण में पुलिस ने आरोपी महादेव उर्फ श्याम बिहारी, नत्थू पुत्र गंगाधर, कामता प्रसाद पुत्र भरोसा, मोतीलाल पुत्र कन्हैया व बाबूलाल तिवारी के खिलाफ धारा 395,379 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था। पिछले दिनों उक्त प्रकरण के एक आरोपी बांदा जिले के गिरवां थाना क्षेत्र के ग्राम जरर निवासी कामता प्रसाद ने छतरपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयराम को शपथ पत्र और शिकायती आवेदन देकर बताया था कि इस मामले में बाबूलाल तिवारी को छोड़कर बाकी आरोपी न्यायिक प्रक्रिया से गुजर चुके हैं। बाबूलाल तिवारी के विरुद्ध स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है।
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इसके बाद भी पुलिस आज तक बाबूलाल तिवारी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। तिवारी यह कहते हैं कि उक्त बाबूलाल तिवारी कोई अन्य है, वे नहीं। जबकि कामता टीवी चैनल पर यह कहते देखा गया है कि आरोपी बाबूलाल तिवारी ही झांसी के बीकेडी कॉलेज का प्राचार्य है। वह वर्षों से फरार चल रहा है। बीकेडी प्राचार्य ने यह तो स्वीकारा है कि कामता उनके ही गांव का है और उससे पुराने संबंध रहे हैं। लेकिन उसके आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
मामले में छतरपुर पुलिस की कार्यशैली भी प्रश्नों के घेरे में आई है। आखिर वर्षों बाद भी डकैती का आरोपी बाबूलाल पुलिस के हत्थे क्यों नहीं चढ़ा। चर्चा है कि पुलिस पिछले 39 सालों में जब भी झांसी र्गई बाबूलाल के प्रभाव के कारण बैरंग लौट आई। इसी दौरान रहस्यमय तरीके से बमीठा थाने के ज्यादातर दस्तावेज नष्ट हो गए। सिर्फ एफआईआर और स्थायी वारंट बचा है। यह मामला मध्यप्रदेश की विधानसभा में भी उठ चुका है।

कामता प्रसाद के फोटो के साथ
दो लोगों की हो चुकी मौत
अमर उजाला से फोन पर हुई बातचीत में कामता प्रसाद ने बताया कि डकैती में शामिल महादेव और मोतीलाल की मृत्यु हो चुकी है। बाबूलाल तिवारी अब बीकेडी कॉलेज के प्राचार्य बन गए हैं। वारदात की रात नत्थू और बाबूलाल के हाथ में कट्टे थे। बाकी हम तीन लोग निहत्थे थे। लूटी गई रकम को महादेव ले गया था। बाबूलाल ने अपने करीबियों को ही धोखा देकर साम्राज्य खड़ा किया है। मैंने उनके साथ झांसी में 17 साल गुजारे हैं। छात्र राजनीति के वक्त मैं उनके साथ बड़ा बाजार स्थित मिलन बिल्डिंग में रहता था। मैंने भी झांसी में ठेकेदारी की है। इस बात की ताकीद बाबूलाल तिवारी भी कर चुके हैं कि उनके कामता प्रसाद से पुराने रिश्ते रहे हैं।


जैसा टीवी चैनल पर बताया
मेरा नाम कामता प्रसाद है। मैं जरर थाना गिरवां बांदा का रहने वाला हूं। 1979 में रनगवां बांध के पास थाना बमीठा में एक बस डकैती हुई। जिसमें हम पांच लोग मैं कामता, नत्थू पुत्र गंगा, महादेव, खटई का मोतीलाल, बाबूलाल तिवारी पुत्र केदारप्रसाद तिवारी आरोपित किए गए थे। हम लोग सरेंडर हुए थे। बाबूलाल तब से आज तक हाजिर नहीं हुआ। वो वांटेड है। पुलिस उसे अरेस्ट नहीं कर रही है। बाबूलाल तिवारी वर्तमान समय में बुंदेलखंड डिग्री कॉलेज झांसी में प्राचार्य पद पर नियुक्त है। पुलिस ने उसे धनबल के कारण आज तक नहीं पकड़ा। वह पुलिस को पैसे देते था। हम ये चाहते हैं कि वो भी पकड़े जाएं। हमारे साथ आरोपी थे वो...।
कामता प्रसाद


बाबूलाल के वर्तमान फोटो के साथ
विरोधी षड्यंत्र के तहत फंसाना चाहते हैं
‘कामता प्रसाद जरूर मेरे गांव का है। मेरे पिता ने कामता के परिवार का भरण पोषण किया। आज वह मेरा ही दुश्मन क्यों बन गया है? मुझे इस बात का भी पता नहीं है। अगर, मामला सही होता तो पुलिस अभी तक मुझे तलाश क्यों नहीं पायी? मुझे सिर्फ विरोधी षड्यंत्र के तहत फंसाना चाहते हैं’
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डॉ.बाबूलाल तिवारी, प्राचार्य बीकेडी

हर स्तर पर होगी जांच
‘बस डकैती कांड का मामला काफी पुराना है, जिसके संज्ञान में आने के बाद जांच बैठा दी गई है। हर स्तर पर इस मामले की जांच की जाएगी। पता किया जा रहा कि बाबूलाल तिवारी के खिलाफ वारंट जारी है तो अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? जांच पूरी होते ही आगे की कार्रवाई होगी। झांसी पुलिस की भी मदद ली जा रही है।’ विनीत खन्ना, पुलिस अधीक्षक छतरपुर


एसएसपी के फोटो के साथ
‘मामला संज्ञान में नहीं आया है। अगर मध्य प्रदेश की छतरपुर पुलिस मदद मांगती है तो पूरा सहयोग किया जाएगा’
विनोद कुमार सिंह, एसएसपी झांसी
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