- आकर्षक दिखने के लिए मेडिकल कॉलेज में हर माह औसतन 10 महिलाएं और दो पुरुष करा रहे सर्जरी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड में कॉस्मेटिक सर्जरी का चलन बढ़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में हर माह औसतन 12 लोग कॉस्मेटिक सर्जरी कराने आ रहे हैं, जिनमें औसतन 10 महिलाएं और दो पुरुष हैं।
मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का शुभारंभ 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। कोरोना महामारी में इस सेंटर को कोविड अस्पताल में बदल दिया गया था। कोरोना खत्म होने के बाद यहां फिर से हृदय रोग, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी आदि की ओपीडी शुरू हुई। प्लास्टिक सर्जरी विभाग में री-कांस्ट्रक्टिव और कॉस्मेटिक प्लास्टिक सर्जरी होती है। री-कांस्ट्रक्टिव प्लास्टिक सर्जरी उन रोगियों की होती है, जिनके अंग-भंग हो जाते हैं अथवा कोई अंग विकृत हो जाता है। जबकि, कॉस्मेटिक सर्जरी लोग खुद को बेहतर दिखने के लिए कराते हैं। कोई अपनी नाक सही करवाता है तो कोई सीना या कमर। कुछ होंठ पतले कराने आते हैं, तो कोई काले दाग खत्म कराने।
अत्याधुनिक लेजर मशीन से हो रहा उपचार :
मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक लेजर मशीन से त्वचा रोगियों का उपचार किया जा रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि इस मशीन से चेहरे पर बाल आने, शरीर में खून की नसों के गुच्छे बनने, काले दाग अथवा चकत्ते समेत कई रोगों का उपचार किया जाता है।
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प्लास्टिक सर्जरी विभाग में न सिर्फ री-कांस्ट्रक्टिव प्लास्टिक सर्जरी हो रही है, बल्कि कॉस्मेटिक सर्जरी भी कराने के लिए लोग आ रहे हैं। हर माह औसतन 12 लोग कॉस्मेटिक सर्जरी कराने आ रहे हैं, जिनमें 10 महिलाएं रहती हैं।
डॉ. सुधीर कुमार, प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष