गो सेवा ही इस जगत के सभी मनोरथों को पूर्ण करती है। यह सच्ची राष्ट्रभक्ति है और इससे देश व समाज का उत्थान होता है। यह उद्गार गोलाकुआं स्थित मां पूर्णेश्वरी देवी मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में शुक्रवार को कथा व्यास माधुरी मधु पाठक ने प्रकट किए।
कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य जीवन अनमोल है, जो हजार जन्मों के बाद प्राप्त होता है। इसे व्यर्थ नहीं जाने दें। इस जीवन को जीव की सेवा में और प्रभु के स्मरण में लगाएं। भारत के सभी धर्म ग्रंथों में दया, सत्य और अहिंसा सर्वोपरि रखा गया है। इससे समाज और राष्ट्र में हमेशा सुख तथा शांति रहती है। प्रगति के पथ खुलते हैं। इसी सत्य की रक्षा के लिए भगवान समय - समय पर अवतार लेते हैं। भगवान राम, कृष्ण सहित सभी अवतारों ने सत्य धर्म की रक्षा कर उसे स्थापित किया। आज सभी मनुष्यों के लिए आवश्यक है कि वह गो माता की सेवा करे।
इस दौरान उन्होंने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का मोहक वर्णन किया। प्रवचन के दौरान मां पूर्णेश्वरी देवी का श्रद्धालुओं ने मनोहारी श्रृंगार किया। इसके बाद महाआरती की गई। भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे।
इस अवसर पर जीतू सोनी, मनीष नीखरा, धर्म किशोर पाठक, देवेंद्र गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता, राकेश श्रीवास्तव, राशु, सावित्री आदि उपस्थित रहीं।