झांसी/महोबा। ललितपुर के सौजना गांव की गोशालाओं में गायों की मौत पर कांग्रेसियों का उबाल थम नहीं रहा है। पिछले दिनों झांसी में कांग्रेसियों और पुलिस के बीच तनातनी के बाद बुधवार को महोबा के कबरई में कांग्रेस की ‘गाय बचाओ, किसान बचाओ’ पदयात्रा में पुलिस व कांग्रेसियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कबरई के बांदा तिराहे से पदयात्रा निकाल रहे कांग्रेसियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे भगदड़ मच गई। धक्कामुक्की व छीनाझपटी में सीओ सदर कालू सिंह के बिल्ले निकल गए। बाद में पुलिस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ समेत दो सैकड़ा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों से पुलिस लाइन भेजा। शाम को निजी मुचलके पर छोड़ा गया। इससे पहले ललितपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध में सामूहिक मुंडन कराया था।
कांग्रेस की गाय बचाओ, किसान बचाओ पदयात्रा बुधवार को कबरई के बांदा तिराहे से प्रस्तावित थी। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू का आगमन होना था, लेकिन वह किसी कारण से नहीं आ सके। बांदा तिराहे पर सुबह से ही कार्यकर्ताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ के नेतृत्व में पदयात्रा शुरू की गई। इस दौरान कार्यकर्ता खेत बचाओ किसान बचाओ, खेती किसानी सुरक्षित करो गोवंश को संरक्षित करो के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। पुलिस ने पदयात्रा रोक दी। इससे कांग्रेसी और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक व धक्कामुक्की हुई। सीओ के बिल्ले नोंच लिए जाने पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। पुलिस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष योगेश दीक्षित, प्रदेश महासचिव राहुल राय, जिलाध्यक्ष तुलसीदास लोधी, निर्दोष दीक्षित, आफाक सरवर, जिला उपाध्यक्ष कुंवर राकेश सिंह, संतोष धुरिया, डॉ. अजय बरसैंया, अजीज खान, छत्रपाल यादव, अनिल श्रीवास्तव समेत दो सैकड़ा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों के माध्यम से पुलिस लाइन महोबा पहुंचाया। देर शाम तक कार्यकर्ता जमीन पर बैठे रहे। बाद में निजी मुचलके पर उन्हें छोड़ा गया। लाठी चार्ज के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों से आए कार्यकर्ता अपनी बाइकें सभास्थल पर छोड़कर भाग गए। बाद में ई-रिक्शा में बाइकें लादकर थाने पहुंचाईं।
पुलिस ने किया आतंकवादी जैसा व्यवहार : प्रदीप जैन
‘गाय बचाओ किसान बचाओ’ पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ ने कहा कि पुलिस कांग्रेसियों के साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार कर रही है। हम लोग गाय माता को बचाने के लिए अपने प्राणों को न्योछावर कर देंगे। कांग्रेस कार्यकर्ता सांकेतिक रूप से पदयात्रा निकाल रहे थे। उन पर बेवजह लाठी चार्ज की गई। पुलिस लाइन में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बैठाया गया। जहां पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा।
मीडियाकर्मी भी हुए लाठीचार्ज का शिकार
कांग्रेस की पदयात्रा के दौरान पुलिस की लाठीचार्ज में मीडियाकर्मी भी आग गए। पुलिसकर्मियों ने मीडिया कर्मियों पर भी लाठीचार्ज कर दिया। इससे एक मीडियाकर्मी घायल हो गया।
झांसी में घर में ही कर दिया था नजरबंद
झांसी। आंदोलन को धार दे रहे कांग्रेसियों पर झांसी में भी पुलिस ने शिकंजा कसा था। पूर्व केंद्रीय मंत्री को झांसी स्थित उनके घर में ही नजरबंद कर दिया गया था। इसके बाद उन्होेंने घर पर ही आमरण अनशन शुरू कर दिया था। घर जाने वाले रास्ते पर भारी पुलिस बल उतार दिया गया था। इसके बाद प्रदीप जैन के बेटे ने प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखा था। बड़ागांव से भी बड़ी तादाद में कांग्रेसियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए रानीपुर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष भगवान दास कोरी को दीवार फांद कर निकलना पड़ा था। इसके बाद कबरई में भी पुलिस से तकरार हो गई।