झांसी। पूरे प्रदेश में सबसे महंगी कोरोना किट झांसी में खरीदी गई थीं। अफसरों की शह पर जमकर घोटाला हुआ। आलम यह था कि ललितपुर, जालौन जैसे पड़ोस के जनपदों में यहां से करीब आधी कीमत में ही इन उपकरणों की खरीद हुई। अमर उजाला ने जुलाई में ही इस घोटाले का खुलासा कर दिया था। इसके बाद अफसर लगातार इस पर पर्दा डालने की कोशिश करते रहे। खबरों के लगातार फालोअप के बाद मामला संसद तक में गूंजा था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने एसआईटी जांच बैठाई थी।
दरअसल घपलेबाजों ने मौके का फायदा उठाते हुए अपनी चहेती कंपनियों के जरिए बाजार से कई गुना अधिक कीमत पर उपकरणों की खरीद की और सीधे पंचायतों तक पहुंचा दी। उसके बाद भुगतान का दबाव बनाया जाने लगा लेकिन, इसी बीच घोटाले का भंडाफोड़ हो गया। शासन स्तर से पड़ताल शुरू हुई जिसमें चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि पूरे प्रदेश में झांसी में ही सबसे अधिक बंदरबांट हुआ।
सभी जनपदों में खरीदे गए उपकरणों की शासन स्तर पर तैयार मूल्य सूची के मुताबिक सबसे मंहगे रेट में यहीं पर खरीद हुई।
झांसी की ग्राम पंचायतों के लिए कुल 479 ऑक्सीमीटर एवं 479 इंफ्रारेड थर्मामीटर खरीदे गए। ऑक्सीमीटर की कीमत 3349 से 3990 रुपये तक रही जबकि बाजार में ब्रांडेड ऑक्सीमीटर दो हजार रुपये कीमत पर आसानी से उपलब्ध हैं। इसी तरह यहां इंफ्रोरेड थर्मामीटर 4500 रुपये कीमत तक पर खरीदा गया जबकि जबकि पड़ोसी जनपद ललितपुर में यह महज 1550 से 2966 रुपये के बीच खरीदे गए। यहां तक की सूबे के मेट्रो सिटी में भी यह उपकरण झांसी से कम कीमत पर ही खरीदे गए थे।