झांसी। कोरोना के चलते झांसी में पिछले दो महीने में लगभग चार हजार बच्चों का टीकाकरण फंसा पड़ा है। स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी भी कोरोना की रोकथाम में लगी होने और कोविड के डर से लोगों का घर में कैद हो जाने के कारण रुटीन टीकाकरण पर असर पड़ा है।
जन्म के बाद से ही बच्चों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण शुरू कर दिया जाता है। यह टीके पांच वर्ष तक लगाए जाते हैं, जो कि बच्चों को तमाम बीमारियों से बचाते हैं। कोरोना महामारी में टीकाकरण अभियान प्रभावित चल रहा है। पहली लहर में लॉकडाउन के कारण टीकाकरण ठप हो जाने के बाद विशेष अभियान चलाकर बच्चों को वैक्सीन लगाई गई थी। अप्रैल से कोरोना की दूसरी लहर शुरू होते ही फिर से टीकाकरण अभियान प्रभावित हुआ। शहरी और ग्रामीण इलाकों में बच्चों को टीका लगाने वाली एएनएम सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी कोरोना टीकाकरण में लगे हैं। इसकी वजह से सामान्य टीकाकरण का काम प्रभावित हुआ है। वहीं, कोविड के डर से लोग भी बच्चों को घरों से बाहर निकालने से बचते रहे। इस वजह से निजी अस्पतालों में भी वैक्सीनेशन कम हुआ। बताया गया कि जनपद में सालाना 38 से 40 हजार बच्चों का पूर्ण टीकाकरण होता है। इस हिसाब से लगभग चार हजार बच्चों का टीकाकरण प्रभावित हुआ है।
ये टीके लगाए जाते हैं
- जन्म के समय बीसीजी, पोलियो और हेपेटाइटिस-बी
- जन्म से 6 सप्ताह पर पोलियो-1, रोटा वायरस-1, आईपीवी-1, पेंटावैलेंट-1 और पीसीवी-1
- जन्म से 10 सप्ताह पर पोलियो-2, रोटा वायरस-2 तथा पेंटावैलेंट-2
- जन्म से 14 सप्ताह पर पोलियो-3, रोटा वायरस-3, आईपीवी-3, पेंटावेलेंट-3 और पीसीवी-2
- 9 से 12 महीने पर मीजेल्स रूबेला-1, पीसीवी बूस्टर डोज तथा जापानी इंसेफेलाइटिस-1
- 16 से 24 महीने पर पोलियो बूस्टर डोज, मीजेल्स रूबेला-2, डीपीटी बूस्टर-1
- 5 से 6 वर्ष पर डीपीटी बूस्टर-2
- जन्म से 10 वर्ष पर टिटनेस-डिफ्थीरिया।
शासन की तरफ से सामान्य टीकाकरण शुरू करने के आदेश प्राप्त हो गए हैं। जल्द ही जिले में बच्चों को अर्बन पीएचसी, गांवों के स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों आदि स्थानों पर सामान्य टीके लगाए जाने लगेंगे। - डॉ. रविशंकर, जिला टीकाकरण अधिकारी।
सामान्य टीके लगवाने में यदि कुछ हफ्ते या एक-दो महीने की देरी हो जाए तो कोई दिक्कत नहीं है। मेडिकल कॉलेज में नवजात को तो तत्काल टीका लग रहा है। लगभग 500 बच्चों को जल्द टीका लगेगा। - डॉ. ओमशंकर चौरसिया, बाल रोग विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज।