झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से कोविड ड्यूटी प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर हुई दो लाख की वसूली के मामले में डीएम ने रिपोर्ट तलब कर ली है। कॉलेज प्रशासन ने जांच कर कमेटी को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
मेडिकल कॉलेज में कोरोना काल में आउटसोर्सिंग पर करीब तीन सौ स्टाफ नर्सों की नियुक्ति की गई थी। महामारी थमने के बाद कई आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को ड्यूटी से हटा दिया गया था। अब शासन कोरोना काल में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत होने वाली नियुक्तियों में बोनस अंक दे रहा है। मगर इसके लिए कोविड ड्यूटी प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। इसलिए एनएचएम के तहत नियुक्तियां निकलते ही कॉलेज में ये प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कोरोना काल में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की भीड़ उमड़ पड़ी। मौके का फायदा उठाते हुए मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर प्रत्येक से 500 से लेकर एक हजार रुपये तक की वसूली की। इस मामले की शिकायत भी कॉलेज प्राचार्य से की गई। मगर मामला ठंडे बस्ते में चला गया। जब अमर उजाला ने 30 दिसंबर के अंक में इस मामले का प्रकाशित किया, इसके बाद प्राचार्य ने जांच समिति गठित की। अब तक समिति अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपा पाई है। वहीं, डीएम ने भी पूरे मामले में रिपोर्ट तलब कर ली है। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि जल्द ही जांच पूरी कराकर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।