ललितपुर। रविवार की सुबह सिविल लाइन क्षेत्र में हत्या के मामले में एक माह से पैरोल पर चल रहे युवक ने साथ में ही पैरोल पर आए अपने चचेरे भाई और उसकी पत्नी की घर में गोली मारकर हत्या कर दी। भतीजे को भी मारने की कोशिश की गई। पुलिस का कहना है कि हत्या में नामजद युवक और मरने वाला उसका चचेरा भाई दोनों ही एक माह पहले पैरोल पर छूटकर आए थे। पांच जनवरी को पैरोल की अवधि खत्म हो रही थी और दोनों को आगरा जेल जाना था। सुबह के वक्त दोनों में विवाद हुआ और दंपती की हत्या कर दी गई। इस मामले में मृतक के पुत्र अश्विनी ने चाचा भरत, उसकी पत्नी नीता, मां रंजना व भाभी रामदेवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने भरत व नीता को गिरफ्तार कर लिया है।
दंपती के सनसनीखेज कत्ल की यह वारदात सुबह को सात बजे की है। एसएसपी ललितपुर कैप्टन मिर्जा मंजर बेग ने बताया कि रामआसरे (45) पुत्र छोटेलाल का घर सिविल लाइन क्षेत्र में है। रामआसरे और उसका चचेरा भाई भरत को हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास हो चुकी है और दोनों एक माह की पैरोल पर थे। 5 जनवरी को पैरोल की अवधि खत्म हो रही थी और दोनों को आगरा जेल वापस जाना था। सुबह के वक्त भरत अपने चचेरे भाई रामआसरे के घर पहुंचा और यहां किसी बात पर विवाद हो गया। अब तक की पड़ताल में जो पता चला है उसके मुताबिक आगरा जेल वापस जाने को लेकर ही दोनों में विवाद हुआ था। भरत वापस नहीं जाना चाहता था। वह रामआसरे पर कहीं भाग चलने का दबाव बना रहा था। विवाद इतना बढ़ा कि भरत ने तमंचा निकालकर रामआसरे की गोली मारकर हत्या कर दी। पति को खून से लथपथ देख सुनीता (40) ने शोर मचाया तो भरत ने उसे भी गोली मार दी।
दंपती की हत्या करने के बाद बारह साल के बेटे अश्वनी के पीछे भी वह दौड़ा लेकिन उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया। अश्वनी ने शोर मचाया तो आसपास के लोग पहुंच गए। इस बीच भरत भागकर थाने पहुंच गया और वहां जाकर सूचना दे दी कि कुछ लोगों ने उसके चचेरे भाई रामआसरे और भाभी की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस मौके पर पहुंची जहां रामआसरे के बेटे अश्वनी ने पुलिस को पूरी घटना बता दी। बाद में पुलिस पूछताछ में भरत ने भी घटना कबूल कर ली। बताया जाता है रामआसरे और भरत को वर्ष 2006 में ग्राम मदनपुर निवासी रवींद्र पुत्र महेंद्र सिंह की हत्या में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। दोनों एक माह पूर्व आगरा जेल से पैरोल पर घर आए थे।