10 करोड़ अनुदान राशि से बने संग्रहालय में रखी गईं दुर्लभ जड़ी-बूटियां
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, झांसी में देश का एकमात्र राष्ट्रीय मानक औषधि संग्रहालय (नेशनल रॉ ड्रग रिपोजिट्री) बना हुआ है। हिमालय से लेकर कन्या कुमारी तथा पूर्वोत्तर राज्यों के पहाड़ों पर मिलने वाली दुर्लभ जड़ी-बूटियां इसमें रखी हैं।
आयुष मंत्रालय के नेशनल मेडिसिन प्लांट बोर्ड (एनएमपीबी) ने 10 करोड़ से झांसी के केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान में राष्ट्रीय मानक औषधि संग्रहालय बनवाया है। करीब 500 जड़ी-बूटियों का संग्रह किया जाना है। अभी तक हिमालय, अरावली की पहाड़ियों, पूर्वोत्तर राज्यों, कन्या कुमारी आदि स्थानों पर मिलने वाली करीब 200 दुर्लभ जड़ी-बूटियां संग्रहालय में आ गई हैं। इसके अलावा 140 प्रजाति के औषधीय पौधे लगाए गए हैं ताकि उनके कंद-मूल-फल से शोध किया जा सके और विद्यार्थी उनको देख सकें।
अनुसंधान अधिकारी डॉ. वैभव चरडे ने बताया कि फार्मास्युटिकल कंपनियां अपने यहां प्रयुक्त होने वाली जड़ी-बूटी की गुणवत्ता की जांच करवा सकती हैं। यदि फार्मास्युटिकल कंपनियां किसी दुर्लभ जड़ी-बूटी को शोध के लिए लेना चाहती हैं तो पांच से दस ग्राम तक शुल्क लेने के बाद दिया जाएगा।
0- चार रीजनल ऑफिस भी बनाए
डॉ. वैभव चरडे ने बताया कि नेशनल मेडिसिन प्लांट बोर्ड ने चार रीजनल ऑफिस चेन्नई, गाजियाबाद, जयपुर व नई दिल्ली में बनाए हैं। रीजनल ऑफिस से भी फार्मास्युटिकल कंपनी अपनी जड़ी-बूटी की गुणवत्ता की जांच करवा सकते हैं, मगर शोध के लिए नहीं मिलेगी।
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केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान में देश का एकमात्र राष्ट्रीय मानक औषध संग्रहालय बना है। यहां दुर्लभ जड़ी-बूटियों को रखा गया है।
डॉ. सी. वेंकट नरसिम्हाजी, सहायक निदेशक, केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, झांसी
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डायरेक्टर जनरल आज आएंगे :
केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान में शनिवार को डायरेक्टर जनरल प्रो. रबि नारायण आचार्य आ रहे हैं। वह डब्ल्यूएचओ-जीएमपी सर्टिफिकेट के बारे में रोड मैप पर चर्चा करेंगे। ब्यूरो