झांसी। जिले में अंत्योदय राशन कार्डधारकों के सत्यापन में भी खेल चल रहा है। कार्डों के सत्यापन को लगाई गईं टीमें महज कोरम पूरा कर रही हैैं। साथ ही, अपात्रों से वसूली कर पात्र बनाया जा रहा है। इसे लेकर लगातार शिकायतें पूर्ति विभाग के पास पहुंच रही हैं।
केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दौरान गरीबों और कार्डधारकों को महीने में दो बार राशन का वितरण कराया। इस दौरान विभाग को तमाम ऐसे कार्डधारक मिले, जो राशन लेने ही नहीं गए। साथ ही 35722 कार्डधारक ऐसे पाए गए जिनकी पात्रता संदिग्धतता के घेरे में थी। इसके लिए शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद महानगर और ग्रामीण क्षेत्रों में 250 से अधिक अधिकारी और कर्मचारियों की टीमें लगाई गईं। महानगर में ही 22 टीमों को सत्यापन में लगाया गया था। इन टीमों को 15 दिन में जांच कर रिपोर्ट देनी थी, लेकिन अब तक तमाम टीमों ने सत्यापन शुरू ही नहीं किया है।
साथ ही, कई टीमों के कर्मचारी तो घर से बैठकर ही फोन के जरिए सत्यापन करने में जुटे हैं। सूत्र बताते हैं कि कई जगहों पर अपात्रों से वसूली की गई है। ताकि उनका नाम पात्रता सूची में बना रहे। विभाग के कई बाबू भी इसमें शामिल हैं। वहीं टीमों द्वारा सत्यापन न करने पर अधिकारियों का तर्क है कि कोविड के चलते तमाम क्षेत्रों में सत्यापन नहीं हो पा रहा है। पूर्ति विभाग ने शिकायतें मिलने के बाद जांच शुरू कराने की तैयारी कर ली है।
आलीशान मकान वाले भी ले रहे राशन
महानगर में आलीशान मकानों में रहने वाले लोगों के भी राशन कार्ड बने हुए हैं। सिविल लाइंस क्षेत्र में तमाम परिवार राशन का लाभ ले रहे हैं। जबकि सत्यापन के दौरान एक भी अपात्र सामने नहीं आया हैै। ऐसे में साफ है कि सत्यापन में कहीं न कहीं खेल चल रहा हैै।
कोविड के चलते महानगर के तमाम क्षेत्रों में कंटेनमेंट जोन हैं। इसके चलते सत्यापन नहीं हो पा रहा हैै। सत्यापन के दौरान अपात्रों से वसूली की शिकायतों पर कार्रवाई की जाएगी। - तीर्थराज यादव, डीएसओ