झांसी। लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित किसानों को इस बार प्रधानमंत्री फसल बीमा की सुरक्षा पाने के लिए अधिक प्रीमियम का भुगतान करना होगा। केंद्र सरकार ने इस बार बीमा योजना के प्रावधानों में कई बदलाव कर दिए जिससे प्रीमियम राशि में इजाफा हुआ है।
फसल को मौसमी नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की थी। योजना में शामिल होने के लिए किसानों को रबी एवं खरीफ फसल की लागत का कुल दो फीसद प्रीमियम देना होता है जबकि शेष प्रीमियम केंद्र एवं राज्य सरकार वहन करती है। अभी तक प्रीमियम फसल की लागत पर तय होता था लेकिन, इस बार सरकार ने इसे बदलकर प्रीमियम को उपज के आधार पर कर दिया। इससे किसानों को होने वाला भुगतान तो बढ़ जाएगा लेकिन, उनको प्रीमियम भी अधिक चुकाना होगा। झांसी के लिए अधिकृत बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड की तयशुदा दरों के मुताबिक इस बार धान का 50649 रुपये प्रीमियम तय हुआ। किसानों को इसके दो प्रतिशत के तौर पर 1013 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से चुकाना होगा जबकि पिछली बार 50460 रुपये प्रीमियम पर 1009 रुपये प्रति हेक्टेयर चुकाए थे। अरहर के लिए 882 रुपये चुकाने होंगे जबकि पिछली दफे 583 रुपये देने पड़े थे। इसी तरह उर्द के लिए 438 रुपये एवं मूंगफली के 46095 रुपये प्रीमियम में 922 रुपये किसानों को चुकाने होंगे। उप निदेशक कृषि कमल कटियार के मुताबिक इस बार से केंद्र सरकार की ओर से योजना में बदलाव किया गया है। नए प्रावधान के मुताबिक इसे लागू किया जा रहा है।